सुगम सफर की तैयारी : 15 हजार बसों की सात शहरों से होगी निगरानी, भोपाल से चलेगी परिवहन व्यवस्था की कमान

भोपाल। प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। वर्ष 2030-31 तक प्रदेश में लगभग 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भोपाल में राज्य स्तरीय मुख्यालय और सात शहरों में क्षेत्रीय कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। इन कार्यालयों में स्थापित होने वाले नियंत्रण केंद्रों के माध्यम से बसों की आवाजाही, सुरक्षा और संचालन की निगरानी की जाएगी। व्यवस्था के तहत शहरों के भीतर चलने वाली बसों के साथ अंतरशहरी और अंतरराज्यीय बस सेवाओं का भी संचालन किया जाएगा।
मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का मुख्यालय भोपाल के स्मार्ट सिटी परिसर में स्थापित किया जा रहा है। यहां लगभग 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। मुख्यालय का नियंत्रण केंद्र सातों क्षेत्रीय कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेशभर की परिवहन सेवाओं की निगरानी करेगा। इसका उद्देश्य बस संचालन को व्यवस्थित करने, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिवहन सेवाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।
सात शहरों में बनेंगे क्षेत्रीय कार्यालय
प्रदेश में परिवहन व्यवस्था के विकेंद्रीकृत संचालन के लिए भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के कार्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक कार्यालय अपने निर्धारित जिलों में बसों के संचालन, सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगा।
भोपाल: भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड का क्षेत्रीय कार्यालय अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) भवन में स्थापित किया जा रहा है। यहां लगभग 120 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। नियंत्रण केंद्र से भोपाल सहित नर्मदापुरम, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा और बैतूल जिलों की बसों पर नजर रखी जाएगी।
इंदौर और उज्जैन: इंदौर में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड के कार्यालय का विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है। उज्जैन में क्षेत्रीय कंपनी का कार्यालय परिवहन कार्यालय परिसर में स्थापित होगा। दोनों कार्यालयों का काम जनवरी 2027 तक पूरा होने की संभावना है। प्रत्येक में लगभग 120 कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इंदौर से सात और उज्जैन से छह जिलों की बसों की निगरानी की जाएगी।
मार्च तक तैयार होंगे कई कार्यालय
जबलपुर: आईएसबीटी भवन में क्षेत्रीय कार्यालय का विस्तार और उन्नयन प्रस्तावित है। यहां लगभग 150 अधिकारियों-कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। काम 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस केंद्र से नरसिंहपुर, कटनी, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों की बसों की निगरानी होगी।
ग्वालियर: ग्वालियर-चंबल यात्री परिवहन सेवा लिमिटेड का कार्यालय राजस्व मंडल परिसर में बनाया जाएगा। यहां लगभग 120 कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। कार्यालय 31 मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है। इसके नियंत्रण केंद्र से मुरैना, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, गुना और अशोकनगर जिलों की बसों पर नजर रखी जाएगी।
सागर: सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड का कार्यालय स्मार्ट सिटी के इन्क्यूबेशन सेंटर भवन में बनाया जाना प्रस्तावित है। इसे 28 फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यहां लगभग 125 कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस केंद्र से निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों की बसों की निगरानी की जाएगी।
रीवा: रीवा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड का कार्यालय समदड़िया, आदर्श भवन में प्रस्तावित है। इसे 31 मार्च 2027 तक पूरा करने की संभावना है। यहां लगभग 150 कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। नियंत्रण केंद्र से रीवा सहित सतना, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जिलों की बसों का संचालन और निगरानी की जाएगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
