न लांघे मर्यादा की सीमाएं, : खड़गे के बयान पर राजनाथ सिंह की तीखी प्रतिक्रिया, बोले- पीएम के संकल्प को नहीं डिगा सकता कोई अपमान

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विवादित टिप्पणी पर भाजपा अक्रामक हो गई है। एक ओर जहां भाजपा खड़गे से बिना शर्त माफी की मांग कर रही है। वहीं दूसरी पार्टी के छोटे से बड़े कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी क्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कड़ नाराजगी व्यक्त की है। राजनाथ सिंह ने सोमवार को इस बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राजनीतिक विरोध में व्यक्तिगत मर्यादाओं को भी भूल रहा है। हालांकि, राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि ऐसी टिप्पणियों से प्रधानमंत्री मोदी को न तो विचलित किया जा सकता है और न ही जनसेवा के उनके संकल्प को कमजोर किया जा सकता है।
यह पूरे भारत का अपमान
उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि यह केवल किसी व्यक्ति या परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का अपमान है। यह राजनीति की गरिमा पर भी प्रहार है। लोकतंत्र में आप अपना विरोध जता सकते हैं, नीतियों पर सवाल उठा सकते हैं और सरकार की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन कृपया, व्यक्तिगत मर्यादा की सीमाएं न लांघें। मेरी यही सलाह है।
खड़गे के बयान पर राजनाथ सिंह ने जताई नाराजगी
रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से की गई टिप्पणी हैरान करने वाली है। यह बयान किसी सामान्य कार्यकर्ता का नहीं, बल्कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने वाली कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का है। राजनाथ सिंह ने कहा कि खड़गे जिस पद पर बैठे हैं, उनसे सार्वजनिक जीवन में गंभीरता, संयम और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है और इससे राजनीतिक संस्कृति पर भी सवाल उठते हैं।
कांग्रेस पर बयान को सही ठहराने का आरोप
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता गलती स्वीकार करने और खेद जताने के बजाय खड़गे की टिप्पणी को सही ठहराने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन विरोध के नाम पर किसी के परिवार को निशाना बनाना उचित नहीं है।
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री की पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाने और उनकी माता के प्रति अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति को व्यक्तिगत अपमान में बदलना लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह पूरा विवाद शुरू हुआ। कार्यक्रम में खरगे के भाषण के बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि पीएम मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इसी बात का जवाब देते हुए खरगे ने कहा, श्मोदी के बाप भी चले जाएंगे।श् कांग्रेस नेता के इस बयान को भाजपा ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक बताया और इसे लेकर विरोध शुरू कर दिया।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
