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बद्रीनाथ दान राशि घोटाला : 32 दिन की रिकार्डिंग गायब, दानपेटी पर डाका या सबूतों का खेल, 18 पन्नों की रिपोर्ट में अहम खुलासे

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 13, 2026
07:12 AM
32 दिन की रिकार्डिंग गायब, दानपेटी पर डाका या सबूतों का खेल, 18 पन्नों की रिपोर्ट में अहम खुलासे

चमोली। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा और दान राशि में कथित हेराफेरी का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। जांच के बीच सबसे अहम मानी जा रही 32 दिनों की सीसीटीवी फुटेज के गायब होने से पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। पहले दावा किया गया था कि 45 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित है, लेकिन अब जांच टीम को बड़ी अवधि की फुटेज नहीं मिल पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह रिकॉर्डिंग कैसे गायब हुई और क्या इसके पीछे सबूत मिटाने की कोशिश की गई।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को 32 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस वजह से अब तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से डिलीट या गायब हुई फुटेज को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि यह फुटेज मिल जाती है तो पूरे मामले की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।

18 पन्नों की रिपोर्ट में कई अहम खुलासे

चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावे की राशि के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। सूत्रों का कहना है कि जांच में दान राशि में कई बार हेराफेरी के संकेत मिले हैं, जिनकी आगे विस्तृत जांच की जा रही है।

15 दिन से ज्यादा फुटेज ही नहीं बची

जांच में यह भी सामने आया कि मंदिर परिसर में पहले लगे सीसीटीवी कैमरों की स्टोरेज क्षमता सीमित थी। इसी कारण घटना वाले दिन यानी 2 जुलाई से केवल 14 दिन पहले तक की रिकॉर्डिंग ही सुरक्षित मिल सकी। कुछ फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां भी दिखाई देने की बात कही जा रही है, जिन्हें जांच टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है। अब गायब रिकॉर्डिंग की बरामदगी जांच की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

कर्मचारी पर कार्रवाई, जांच जारी

मामले की शुरुआती जांच में आरोप सामने आया कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल ने बिना अनुमति मंदिर के फंड से धन निकाला था। आरोपों के बाद समिति ने 7 जुलाई को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई। साथ ही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।

श्रद्धा से जुड़ा मामला, बढ़ी जवाबदेही की मांग

बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान राशि में कथित गड़बड़ी और जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज गायब होने की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें तकनीकी जांच और अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास और धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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