पानी का प्रलयंकारी प्रहार! : सैलाब में उजड़ गया नेपाल; 100 मौतें, 750 लापता, संकट में सैकड़ों जिंदगियां

काठमांडू। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के अचानक उफान पर आने से भारी तबाही देखने को मिली है। बुधवार सुबह आए सैलाब ने टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र जमकर तबाही हुई है। तेज पानी के बहाव में घर और वाहन तिनकी के तरह बह गए, कई गांव तो पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। जबकि 13 जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी क्षति पहुंची है। इतना ही नहीं हादसे में जहां अब तक लगभग100 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 750 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल सेना ने प्रभावित इलाकों से 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। बचाव अभियान में 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार बाढ़ से घरों, गाड़ियों, पुलों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं स्थानीय मीडिया का कहना है कि बाढ़ में हजारों लोग लापता हैं, जिनके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। लापता पर्यटकों में ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं। हालांकि अब तक जो आंकड़े सामने आए हैं। वे शुरुआती हैं। ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर लापता लोगों की जानकारी की पुष्टि की जा रही है।

कैलाश यात्रा पर भी बाढ़ की मार
‘कैलाश जर्नी’ से जुड़े कुल 31 यात्रियों के लापता होने की जानकारी मिली है। इनमें 26 विदेशी और 5 नेपाली नागरिक बताए गए हैं। विदेशी यात्रियों की राष्ट्रीयता अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पर्यटन बोर्ड और पर्यटक पुलिस ट्रेकिंग गाइडों की मदद से प्रभावित इलाकों में उनकी तलाश कर रहे हैं।
15 हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के मुताबिक, बुसी और तुसु जैसे प्रभावित क्षेत्रों से 25 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। राहत और बचाव अभियान में 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं, जिनमें 7 नेपाली सेना और 8 अन्य एजेंसियों के हैं। घायलों के उपचार के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में मेडिकल सेंटर बनाया गया है। बचाव दलों के साथ मेडिकल टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित
बाढ़ के तेज बहाव से 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। कई जगह बांध, विद्युतगृह और पहुंच मार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन जमीनी जांच के बाद किए जाने की बात कही गई है।

भारत में भी अलर्ट, एसएसबी की टीमें तैयार
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने सतर्कता बढ़ा दी है। 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमें तैयार रखी गई हैं, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं। कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी बढ़ने की आशंका के चलते निगरानी बढ़ाई गई है। बिहार में गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड को लेकर हाई अलर्ट है। पश्चिमी-पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
