मप्र में अवैध काॅलोनियों पर शिकंजा कसेगी सरकार : मानूसन सत्र में पेश होगा नया विधेयक, दोषियों को जेल के साथ भरना पड़ेगा भारी भरकम जुर्माना भी

भोपाल। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते विस्तार को रोकने के लिए राज्य सरकार अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। आगामी मानसून सत्र में सरकार एक नया विधेयक पेश करने जा रही है, जिसमें अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान शामिल होंगे। प्रस्तावित कानून के अनुसार दोषी पाए जाने पर 7 से 10 वर्ष तक की जेल और 2 से 3 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के कारण नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, बिजली और सीवरेज जैसी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। साथ ही शहरी विकास की योजनाएं भी प्रभावित होती हैं, जिससे शहरों का संतुलित विकास बाधित होता है।
किन क्षेत्रों में कॉलोनी निर्माण अवैध माना जाएगा?
प्रस्तावित विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि शासकीय भूमि, विकास प्राधिकरणों की जमीन, स्थानीय निकायों की संपत्ति, वन भूमि, जल स्रोतों, नदियों-तालाबों, पार्कों, खेल मैदानों और अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में विकसित की गई कॉलोनियों को अवैध माना जाएगा। ऐसे मामलों में कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों पर भी तय होगी जिम्मेदारी
नए कानून में केवल कॉलोनाइजर ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। यदि कोई अधिकारी अवैध निर्माण को नजरअंदाज करता है या कार्रवाई में देरी करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर अनदेखा न हो।
इसके अलावा, पहले से बनी अवैध कॉलोनियों को हटाने के लिए सरकार समय सीमा तय करेगी। निर्धारित अवधि में कार्रवाई न होने पर संबंधित भूमि का नियंत्रण सरकार अपने हाथ में लेकर अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
सरकार का दावाः शहरों का होगा व्यवस्थित विकास
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस विधेयक का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है और इसे मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए कानून से अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और नागरिकों को योजनाबद्ध तथा सुविधायुक्त आवासीय क्षेत्र उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
सख्ती की ओर बढ़ता कदम
सरकार का यह प्रस्ताव शहरी विकास में पारदर्शिता और नियंत्रण बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो अवैध कॉलोनी निर्माण पर अब तक की सबसे कड़ी कानूनी कार्रवाई लागू हो सकती है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
