यह महापाप है : राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अखिलेश ने भाजपा पर किया वार, एसआईटी पर भी लगाए गंभीर आरोप

लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों पर सियासत गरमाई हुई है। पूरा विपक्ष भाजपा सरकार को घेरने की कोशिशों में लगा हुआ है। इसी क्रम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को अपने निशाने पर लिया है। अखिलेश ने लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ और महापाप है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ चुकी है तो अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई। अखिलेश यादव ने कहा कि विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन सिर्फ दिखावे के लिए किया गया है।
‘एसआईटी का मतलब शेयर इन थेफ्ट’
अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि एसआईटी का मतलब “स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम” नहीं बल्कि “शेयर इन थेफ्ट” यानी चोरी में हिस्सेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर मामले में गंभीरता होती तो सबसे पहले एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जाती। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए दान और चढ़ावा चढ़ाया था, लेकिन अब उसी धन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
‘800 करोड़ रुपये तक का चढ़ावा होने का अनुमान’
सपा प्रमुख ने दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र से औसतन 10 करोड़ रुपये का चढ़ावा भी माना जाए तो यह राशि करीब 800 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुप्तदान भी करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर गुप्तदान करने वाले लोग अपनी बात सामने रखेंगे तो उनके घरों पर ईडी और सीबीआई पहुंच जाएगी।
मध्य प्रदेश के जमीन घोटाले पर भी साधा निशाना
मध्य प्रदेश में सामने आए कथित जमीन घोटाले के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वहां सत्ता के दो इंजन आपस में टकरा रहे हैं, इसलिए ऐसी खबरें बाहर आ रही हैं। उन्होंने भाजपा पर विपक्षी दलों के सांसदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया और कहा कि पार्टी संविधान बदलने के इरादे से संख्या बल बढ़ाने में जुटी हुई है।
आदिवासी समाज को लेकर भी किया बड़ा वादा
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासी समाज के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आदिवासी समुदाय को जल, जंगल और जमीन पर पूरा अधिकार दिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी साधा निशाना
इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि एफआईआर के बिना एसआईटी ‘बिना तीर की कमान’ जैसी है। उन्होंने कहा कि जब रोज नए खुलासे हो रहे हैं तो जांच समिति आखिर क्या हासिल करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जांच सच्चाई सामने लाने से ज्यादा मामले को ढंकने और बांटने के उद्देश्य से बनाई गई प्रतीत होती है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
