शनिवार, 1 अगस्त 202610:22:40 PM
Download App
Home/देश

दतिया उपचुनाव : मतगण्ना से पहले कांग्रेस की लड़ाई आई सड़क पर, घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक पर लगाया गंभीर आरोप, राजेन्द्र भारती ने किया पलटवार

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 01, 2026
06:18 AM
मतगण्ना से पहले कांग्रेस की लड़ाई आई सड़क पर, घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक पर लगाया गंभीर आरोप, राजेन्द्र भारती ने किया पलटवार

दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर 3 अगस्त को होने वाली मतगणना से पहले कांग्रेस का अंदरूनी लड़ाई सड़क पर आ गई है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर भाजपा से मिलीभगत, भितरघात और चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की मांग कर दी है। दूसरी ओर राजेंद्र भारती ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि पिच किसी ने तैयार की और बल्लेबाजी करने कोई दूसरा आ गया। इसी बात को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।

दतिया में उपचुनाव पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को न्यायालय से तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण कराया गया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि कांग्रेस टिकट भारती परिवार के किसी सदस्य को मिल सकता है, लेकिन पार्टी ने घनश्याम सिंह को प्रत्याशी बनाया। तभी से दोनों नेताओं के बीच खींचतान की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जो अब मतदान के तुरंत बाद खुली बगावत में बदल गई हैं।

भाजपा के साथ मिलकर हराने की साजिशः घनश्याम सिंह का आरोप

घनश्याम सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान राजेंद्र भारती ने कांग्रेस के बजाय भाजपा नेताओं के साथ मिलकर काम किया और उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। उनका आरोप है कि चुनाव में सुनियोजित तरीके से भितरघात किया गया, जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचा।

उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी आलाकमान से कर दी गई है। उन्होंने राजेंद्र भारती को तत्काल पार्टी से बाहर करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से उन्हें फंडिंग मिली और उनके समर्थकों के माध्यम से चुनाव में धन का वितरण भी कराया गया।

घनश्याम सिंह ने कहा कि भितरघात के बावजूद कांग्रेस की जीत तय है। उनके अनुसार यदि नुकसान हुआ भी है तो वह एक से डेढ़ हजार वोटों से अधिक नहीं होगा और अंतिम परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आएगा।

राजेंद्र भारती का जवाब: आरोप पूरी तरह निराधार

पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा से कांग्रेस संगठन के साथ काम किया है। उनके अनुसार यदि वास्तव में कोई शिकायत थी तो चुनाव के दौरान उठाई जानी चाहिए थी, मतदान समाप्त होने के बाद नहीं। भारती ने कहा कि उन्होंने केवल यह टिप्पणी की थी कि चुनाव की पिच किसी ने तैयार की और बल्लेबाजी करने कोई दूसरा आ गया। उनका कहना है कि यह टिप्पणी भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के संदर्भ में थी, लेकिन उसे गलत अर्थ देकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।

सीनियर नेताओं के साथ पार्टी के हित में लड़ा चुनाव

उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सहित सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर उन्होंने पार्टी के हित में चुनाव लड़ा। भितरघात या भाजपा से किसी प्रकार की सांठगांठ के आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं।

मतदान के तुरंत बाद कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं के बीच सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप ने यह संकेत दे दिया है कि चुनाव परिणाम आने से पहले ही पार्टी के भीतर की कलह खुलकर सामने आ चुकी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस नेतृत्व इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और दतिया की इस सियासी जंग का असर चुनाव परिणाम के बाद पार्टी की राजनीति पर कितना पड़ता है।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें