जबलपुर को मिलेगी मेट्रोपॉलिटन सिटी की पहचान : सीएम मोहन का बड़ा ऐलान, फर्नीचर क्लस्टर से लेकर एम्स की तर्ज पर मेडिकल यूनिवर्सिटी तक की कई बड़ी सौगातें

जबलपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जबलपुर के विकास को नई रफ्तार देने वाली कई बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले एक वर्ष में नगर निगम जबलपुर को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने कमिश्नर, कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द ड्राफ्ट प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का मूल मंत्र सेवा और सुशासन है। प्रदेश के नागरिकों की सुख-समृद्धि और विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। “सच्चा वादा, पक्का काम” के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
जबलपुर को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, बनेगा फर्नीचर क्लस्टर
जबलपुर के गीता भवन परिसर में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि जबलपुर में जल्द ही फर्नीचर क्लस्टर विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को मध्यप्रदेश के एम्स यानी राज्यस्तरीय आयुर्विज्ञान संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए इसे अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा।
397 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर शहर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने के लिए करीब 397 करोड़ रुपये के पांच विकास कार्यों का लोकार्पण और शुभारंभ किया। उन्होंने नगर निगम के स्वच्छता अभियान पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।
इस दौरान पात्र रेहड़ी-पटरी और स्ट्रीट वेंडर्स को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत डिजिटल क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए। साथ ही 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अमृत-1.0 सीवेज परियोजना का शुभारंभ किया गया। कठौंदा, ललपुर और तेवर में बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी जनता को समर्पित किए गए।
यूसीसी पर बोले मुख्यमंत्री- सब समान, सबको सम्मान
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सभी वर्गों को समान अधिकार और सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी वर्गों के सुझाव लिए हैं और समान कानून की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि बदलते भारत में विकास के साथ सामाजिक समानता भी जरूरी है। सरकार सभी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है।
शिक्षा और रोजगार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई है, जबकि पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब 75 से अधिक विश्वविद्यालय हैं और सरकार का लक्ष्य है कि यहां के शिक्षण संस्थान उच्च गुणवत्ता के केंद्र बनें। जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स की तर्ज पर विकसित करना इसी दिशा में बड़ा कदम है।
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