10,800 करोड़ के विकास पैकेज को हरी झंडी : मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, कई अहम प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

भोपाल। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। मंत्रालय में आहूत हुई बैठक में कैबिनेट ने 10,800 करोड़ के विकास पैकेज को मंजूरी दी। इसके अलावा कैबिनेट ने कई विभागों और वित्त विभाग की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही वित्त विभाग की योजनाओं को भी इसके अलावा सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल है।
शहरों के विकास के लिए 8,445 करोड़ रुपये की मंजूरी
कैबिनेट ने नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 8,445 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। यह राशि आगामी पांच वर्षों तक नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में सड़क, पेयजल, सीवरेज, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी। साथ ही इस राशि का उपयोग नगरीय निकायों द्वारा विकास कार्यों के लिए लिए गए ऋण के पुनर्भुगतान में भी किया जाएगा।
कुण्डलिया सिंचाई परियोजना को मिली नई ताकत
राजगढ़ और आगर-मालवा जिले के किसानों के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया। कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना के संचालन को वर्ष 2031 तक जारी रखने के लिए 245 करोड़ 45 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के माध्यम से दोनों जिलों के लगभग 1.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी
कैबिनेट ने किसानों के हित में रबी विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान समर्थन मूल्य पर खरीदी गई अतिरिक्त मूंग के भुगतान के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने का फैसला किया। इसमें विभिन्न बैंकों से ली गई साख सीमा के लिए सरकार गारंटर बनेगी, ताकि किसानों को भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।
टेक-होम राशन की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग को
कैबिनेट ने टेक-होम राशन के उत्पादन और वितरण की व्यवस्था मध्यप्रदेश राज्य आजीविका फोरम से वापस लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपने का निर्णय लिया। फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तहत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्थायी व्यवस्था लागू की जाएगी।
वाणिज्यिक कर विभाग के संचालन के लिए 521 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग की तीन प्रमुख स्थापना योजनाओं के संचालन के लिए भी 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। यह राशि वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक विभाग के मुख्यालय, जिला और परिक्षेत्रीय कार्यालयों के संचालन, कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, कार्यालय व्यय तथा अन्य प्रशासनिक आवश्यकताओं पर खर्च की जाएगी।
विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश के विकास एजेंडे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने, किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने, सिंचाई क्षमता बढ़ाने और पोषण योजनाओं को बेहतर बनाने जैसे निर्णयों से आने वाले वर्षों में प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता, किसानों और शहरी निकायों तक पहुंचेगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
