कीमती धातुओं के भाव गिरे : सोना 1.46 लाख के करीब, चांदी भी फिसली, जानें क्यों गिरे दाम

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, मजबूत अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बनाया। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक सोना और चांदी कमजोर कारोबार करते नजर आए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को सोने की कीमत 0.23 प्रतिशत गिरकर 4,133 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वहीं, चांदी 1.03 प्रतिशत टूटकर 57.405 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। वैश्विक बाजार में आई इस कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
सोना 830 रुपये तक फिसला
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर में आपूर्ति वाले सोने का भाव करीब 519 रुपये यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। दिन की शुरुआत में सोना पिछले बंद भाव 1,46,519 रुपये के मुकाबले गिरकर 1,46,328 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान इसकी कीमत 830 रुपये तक टूटकर 1,45,689 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गई।

चांदी में भी बड़ी गिरावट, 2.09 लाख रुपये के करीब भाव
चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। वायदा बाजार में चांदी 2,267 रुपये यानी 1.07 प्रतिशत गिरकर 2,09,218 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। चांदी पिछले बंद भाव 2,11,485 रुपये के मुकाबले 2,10,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली थी। इसके बाद बिकवाली बढ़ने से कीमत 2,08,801 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गई।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक पर निवेशकों की नजर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी नीतिगत बैठक और ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोने जैसी संपत्तियों का आकर्षण घट सकता है, क्योंकि इनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। मजबूत डॉलर भी सोने की कीमतों पर दबाव डाल सकता है।
कच्चे तेल और मध्य पूर्व के तनाव का असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अस्थिरता और क्षेत्रीय तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम और सुरक्षित निवेश के विकल्पों का आकलन कर रहे हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
