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राम मंदिर दान चोरी मामला : एक नहीं कई स्तरों पर हुई चूक, एसआईटी ने किया बड़ा खुलासा, निजी एजेंसी के भरोसे थी नोटों की गिनती

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 22, 2026
07:43 AM
एक नहीं कई स्तरों पर हुई चूक, एसआईटी ने किया बड़ा खुलासा, निजी एजेंसी के भरोसे थी नोटों की गिनती

लखनऊ। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में स्थित रामलला के दरबार में कथित दान चोरी के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने चैंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि ट्रस्ट की दान राशि से जुड़े बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी एसबीआई के पास थी। बैंक ने नोटों को अलग करने, गड्डियां बनाने और गिनती कराने का काम वाराणसी की एक निजी सुरक्षा एजेंसी को ठेके पर सौंप रखा था। इतना ही नहीं जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दान की राशि की सुरक्षा और बैंकिंग प्रक्रिया के कई स्तरों में चूक हुई है, जिसका फायदा उठाकर कथित तौर पर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया गया।

बताया जा रहा है कि निजी एजेंसी ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की सिफारिश पर अयोध्या के स्थानीय युवकों को इस काम पर नियुक्त कर दिया। इसी प्रक्रिया के तहत अनुकल्प मिश्रा ने अपने साले लवकुश मिश्रा को नौकरी दिलवाई थी।

बिना जांच के आते-जाते रहे कर्मचारी

एसआईटी को जांच में यह भी पता चला कि कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट के दौरान कोई सख्त जांच नहीं होती थी। कौन क्या सामान लेकर आ रहा है और क्या लेकर जा रहा है, इसकी कोई प्रभावी निगरानी नहीं थी। कर्मचारी घरेलू कपड़ों में ही ट्रस्ट के कमरे में बैठकर नोटों की गिनती करने लगते थे। सुरक्षा व्यवस्था में यह बड़ी चूक मानी जा रही है।

कैमरे के सामने खड़े होकर करते थे चोरी

जांच में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। बताया गया है कि कुछ कर्मचारी कैमरे के सामने इस तरह खड़े हो जाते थे कि उनकी गतिविधियां स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड नहीं हो पाती थीं और इसी दौरान चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था। हालांकि सभी कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड तय था और उन्हें यूनिफॉर्म भी दी गई थी, लेकिन उसका पालन नहीं किया जा रहा था।

हाईकोर्ट में सीबीआई जांच और कैग ऑडिट की मांग

इस बीच, श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित गबन तथा वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट कराने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मोहित अशोक शर्मा ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की मांग की जाएगी।

जांच के दायरे में आए लोगों को अयोध्या छोड़ने पर रोक

एसआईटी ने जांच के दायरे में आए अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों को बिना सूचना अयोध्या छोड़ने से मना कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला जांच को प्रभावित होने से रोकने और जरूरत पड़ने पर तुरंत पूछताछ सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। फिलहाल एसआईटी हर पहलू की गहन जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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