अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तबाही का नया मोड़ : यूएई पर ईरानी हमले के बाद ऑयल फैसिलिटी धधकी, भड़की भीषण आग

नई दिल्ली। हाल ही में घोषित अस्थायी सीजफायर के बाद एक बार फिर यूएई और ईरान के बीच तनाव तेज हो गया है। बीते 24 घंटों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाओं ने पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति को गंभीर बना दिया है।
सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात के कई रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट हमले हुए। एयर डिफेंस सिस्टम ने कई हमलों को रोकने का दावा किया, लेकिन फुजैराह औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक तेल सुविधा पर हमला सफल रहा, जिससे भीषण आग लग गई। इस घटना में तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने की भी खबर है।
यूएई अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि हमले में ईरान समर्थित बलों की भूमिका हो सकती है। वहीं, समुद्री क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर भी ड्रोन हमला हुआ, जिससे क्षेत्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता सैन्य तनाव
रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होरमुज़ जलडमरूमध्य में भी हालात तनावपूर्ण हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां अमेरिकी और ईरानी नौसेना के बीच टकराव जैसी स्थिति बनी रही, जिसमें चेतावनी शॉट फायर किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इस जलमार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, ऐसे में किसी भी अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के सख्त बयान
अमेरिकी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया गया तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने भी कुछ अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि कई घटनाओं को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
यूएई में हुए हमले और समुद्री मार्गों में बढ़ते खतरे ने वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ा, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और व्यापार पर भी दिखाई देगा।
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