सागर जहरीली शराब कांड पर सियासी बवाल : सरकार के कांग्रेस के दिग्गजों ने सरकार को लिया निशाने पर, लगाए गंभीर आरोप

भोपाल। सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सियासी बवाल तेज हो गया है। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने को अपने निशाने पर ले लिया है। पार्टी ने शराब माफिया और प्रशासन के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए आबकारी विभाग के आदेश में अचानक किए गए बदलाव पर सवाल उठाए हैं।
विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने मांग की कि संदिग्ध नकली शराब बनाने से लेकर उसकी बोतलिंग, लेबलिंग, परिवहन और वितरण तक जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच हो। सिंघार ने खासतौर पर 'सागर गोल्डÓ शराब के स्टॉक को लेकर आबकारी विभाग के आदेश में बदलाव पर सवाल उठाया।
किसके दबाव में लिया फैसला
उन्होंने आरोप लगाया कि 6 सितंबर को स्टॉक सील, जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजने का आदेश दिया गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद ही इसे बदल दिया गया। उन्होंने पूछा कि आदेश बदलने की जरूरत क्यों पड़ी और किसके दबाव में यह फैसला लिया गया। सिंघार ने शराब में मेथनॉल मिलावट की आशंका जताते हुए इसके स्रोत और जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की मांग की। साथ ही मृतकों के परिवारों को कम से कम 25 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की।
पटवारी और कमलनाथ ने भी साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि घटना ने अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने में पुलिस और आबकारी विभाग की नाकामी उजागर कर दी है। उन्होंने अधिकारियों, सप्लायरों और वितरकों की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सागर में मौतों से जुड़े शराब ब्रांडों पर पहले भी सवाल उठे थे, लेकिन सरकार ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बताया।
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