इंटर्न डॉक्टरों के तेवर से हरकत में सरकार : स्वास्थ्य मंत्री ने GMC प्रबंधन के साथ की हाईलेवल मीटिंग, लाठीचार्ज की होगी जांच, ग्वालियर-इंदौर में भी विरोध

भोपाल। राजधानी भोपाल में स्टायपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों पर पुलिस के लाठीचार्ज और पानी की बौछार के इस्तेमाल का मामला अब प्रदेशव्यापी विरोध का रूप लेता जा रहा है। भोपाल के बाद ग्वालियर में भी आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जयारोग्य अस्पताल परिसर में 200 से अधिक इंटर्न डॉक्टर धरने पर बैठ गए हैं। वहीं इंदौर में डॉक्टर संगठनों ने भोपाल की कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई है। संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। इंटर्न डॉक्टरों के सख्त रुख को देखते हुए सरकार एक्शन मोड में आ गई है।
उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन के उपयोग और कुछ डॉक्टरों के घायल होने जानकारी को संज्ञान में लिया है। उन्होंने इस सम्बंध में पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार से चर्चा की एवं निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। उक्त के अनुक्रम में प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस उपायुक्त जोन-2 विकास सहवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी सभी संबंधित पक्षों को सुनकर शीघ्र जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
जीएमसी प्रबंधन के साथ डिप्टी सीएम ने की हाईलेवल बैठक
इसके अलावा राजेन्द्र शुक्ल ने गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रही है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग और पानी की बौछार किए जाने की घटना की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार छात्रों के बीच जाकर उनसे बातचीत करेगी।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे इंटर्न डाॅक्टर
बता दें कि इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांग स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर है। मंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश दौरे से लौटने के बाद इस मांग पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। शाम को सरकार और छात्रों के बीच आगे की बातचीत का भी संकेत दिया गया है।
लिखित आदेश के बिना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। कमला पार्क रोड पर धरने पर बैठे छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री के पास जाने से इनकार करते हुए कहा कि सरकार को खुद प्रदर्शन स्थल पर आकर बातचीत करनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी अब आंदोलन का प्रमुख हिस्सा बन गई है।
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