दुबई में MP के निवेश का रोडमैप : CM मोहन ने उद्योगपति बद्र जाफर के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, कई क्षेत्रों में साझेदारी पर मंथन, जीएसआईएस के लिए दिया न्योता

भोपाल-दुबई। मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करने की कोशिशों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में उद्योग जगत से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ चर्चा की। एआईएम कांग्रेस-2026 के तीसरे दिन मुख्यमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के बिजनेस-फिलैंथ्रॉपी के विशेष दूत और क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बद्र जाफर से मुलाकात की। दोनों के बीच ऊर्जा, अधोसंरचना, बंदरगाह, परिवहन और भंडारण समेत कई क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने जाफर को वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया। बैठक में दोनों पक्षों ने निवेश और कारोबारी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए दीर्घकालीन साझेदारी की संभावनाओं पर सहमति जताई।
अक्षय ऊर्जा और औद्योगिक ढांचे पर जोर
बैठक में मध्यप्रदेश में अक्षय ऊर्जा और औद्योगिक अधोसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। इसके अलावा प्रदेश के प्रमुख उत्पादन केंद्रों को बेहतर परिवहन, भंडारण और निर्यात सुविधाओं से जोड़ने की संभावनाएं भी तलाशने पर सहमति बनी।
तकनीक आधारित कंपनियों और तेजी से विस्तार कर रहे मध्यप्रदेश के स्टार्टअप में निवेश का मुद्दा भी बातचीत में प्रमुखता से उठा। क्रेसेंट समूह की ओर से टिकाऊ शहरी अधोसंरचना, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पुनर्चक्रण आधारित अर्थव्यवस्था से जुड़ी परियोजनाओं में काम करने की रुचि दिखाई गई।
अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से लेकर तकनीकी हस्तांतरण तक
प्रस्तावित सहयोग में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां, नई तकनीक का हस्तांतरण और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है। तैयार परियोजनाओं और निवेश योग्य कारोबारी अवसरों के लिए दीर्घकालीन निवेश साझेदारी विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
बद्र जाफर ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि वह अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी और अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी तुषार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश भेजने की तैयारी है। जाफर स्वयं भी करीब 10 से 12 निवेशकों के दल के साथ समिट में पहुंचेंगे।
एमपी में निवेश की संभावनाएं गिनाईं
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को निवेश के लिए अनुकूल बताते हुए कहा कि ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, अधोसंरचना और निवेश के क्षेत्र में प्रदेश में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने राज्य की सड़क, रेल और हवाई संपर्क व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यहां तैयार होने वाले उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों तक तेजी से पहुंचाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने जाफर से मध्यप्रदेश का दौरा करने और यहां उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रत्यक्ष रूप से देखने का आग्रह किया। बैठक को प्रदेश में विदेशी निवेश बढ़ाने और वैश्विक कारोबारी समूहों के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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