‘नाराज फूफा’ बना पीएम मोदी का नया राजनीतिक तंज : विकास पर सवाल उठाने वालों को फिर ली जमकर खबर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने करीब 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष और सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाने वालों पर जोरदार पलटवार किया। खास बात यह रही की पीएम ने एक बार फिर नाराज फूफा शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने शब्द को दोहराते हुए कहा कि कुछ लोगों के आदत में शुमार हो गया कि सरकार कोई बड़ा काम शुरू करे उससे पहले ही उसकी उपयोगिता सवाल खड़े करने लगते हैं।
माल ढुलाई गलियारे पर विपक्ष को घेरा
प्रधानमंत्री ने करीब 2800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव लाने वाली परियोजना है। उन्होंने कहा कि इसकी योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में बनी थी, लेकिन वर्ष 2004 से 2014 के बीच परियोजना की रफ्तार बेहद धीमी रही।
मोदी ने कहा कि 2004 में योजना बनने के बावजूद वर्ष 2014 तक जमीन पर अपेक्षित काम नहीं हुआ। उन्होंने इसे भाजपा और कांग्रेस सरकारों के काम करने के तरीके के अंतर से जोड़ते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने परियोजनाओं को कागज से निकालकर तेजी से धरातल पर उतारा है।
‘नाराज फूफा’ वाले तंज से फिर निशाना
माल ढुलाई गलियारे की उपयोगिता पर सवाल उठाने वालों पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कुछ लोग पूछेंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा और जिन लोगों ने ट्रक खरीदे हैं, उनका रोजगार कैसे चलेगा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसे ‘नाराज फूफा’ को भी अब काम मिल गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गलियारा उन इलाकों को रेल संपर्क से जोड़ रहा है, जहां आजादी के बाद भी ऐसी सुविधा नहीं पहुंची थी। उनके मुताबिक, इससे देश में मजबूत आपूर्ति व्यवस्था तैयार करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
पुरानी सरकार पर आंकड़ों के जरिए हमला
मोदी ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में 50 हजार आधुनिक रेल डिब्बे बनाए गए। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार अपने दस साल के कार्यकाल में 50 हजार शौचालय तक नहीं बना सकी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब विनिर्माण के नए दौर में प्रवेश कर चुका है और पुर्जों से लेकर तैयार उत्पादों तक का निर्माण भारत में बढ़ रहा है।
‘नाराज फूफा’ बना मोदी का नया राजनीतिक तंज
प्रधानमंत्री ने पहली बार पिछले सप्ताह दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में ‘नाराज फूफा’ शब्द का इस्तेमाल किया था। तब उन्होंने बेहतर आर्थिक वृद्धि दर पर सवाल उठाने वालों को निशाने पर लिया था।
वडोदरा में मोदी ने इसी अंदाज को आगे बढ़ाते हुए कहा कि देश में कुछ लोग हर काम में कमी तलाशने और नकारात्मकता फैलाने को अपनी आदत बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक वर्ग ऐसा है जो देश की क्षमता को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाता है, जबकि दूसरा हर नई पहल पर सवाल खड़े करने लगता है।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
