ब्रिक्स सम्मेलनः भारत आएंगे मोदी के प्रिय मित्र पुतिन : दोनों दिग्गजों के बीच होगी द्विपक्षीय बैठक, यूक्रेन युद्ध से परमाणु ऊर्जा तक कई मुद्दों पर मंथन

मॉस्को। राजधानी दिल्ली में आगामी 11-12 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें कई देशों के दिग्गज नेता शिरकत करेंगे। सम्मेलन में हिस्सा लेने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी भारत आएंगे। इससे पहले वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पुतिन और मोदी की संभावित मुलाकात की पुष्टि की है। इस मुलाकात को भारत-रूस के संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी बातचीत होने की संभावना है।
क्रेमलिन ने की मुलाकात की पुष्टि
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस भारत को अपने प्रमुख रणनीतिक साझेदारों में गिनता है। मॉस्को के लिए भारत के साथ संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं और रूस इन रिश्तों को विशेष महत्व देता है। पेस्कोव ने दोनों देशों के बीच जारी व्यापारिक गतिविधियों का भी उल्लेख किया।
परमाणु ऊर्जा सहयोग पर बढ़ सकती है रफ्तार
बैठक में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सहयोग पर भी खास चर्चा हो सकती है। पेस्कोव ने कहा कि रूस भारत के साथ नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने को लेकर बातचीत आगे बढ़ने का इंतजार कर रहा है। इससे संकेत मिलते हैं कि दोनों देश पारंपरिक व्यापार के साथ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को भी विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
अमेरिकी टैरिफ पर रूस का तीखा रुख
रूसी प्रवक्ता ने अमेरिका की प्रस्तावित व्यापार नीति पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को अवैध और अस्वीकार्य बताया। रूस का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब भारत समेत कई देशों के साथ उसके ऊर्जा कारोबार को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा हुआ है।
यूक्रेन युद्ध और खाड़ी तनाव पर भी नजर
मोदी और पुतिन की बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध भी प्रमुख मुद्दा बन सकता है। दोनों नेता युद्ध की मौजूदा स्थिति, उसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और आगे की परिस्थितियों पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का मुद्दा भी बातचीत में उठने की संभावना है।
ब्रिक्स को लेकर रूस ने साफ किया रुख
ब्रिक्स की भूमिका को लेकर पेस्कोव ने कहा कि यह संगठन किसी देश के खिलाफ नहीं है। रूस ब्रिक्स को बहुपक्षीय सहयोग के मंच के तौर पर देखता है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाली बैठक के दौरान भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर भी व्यापक विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
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