मंगलवार, 8 सितंबर 202611:43:01 AM
Download App
Home/देश

2019 में जारी समन रद्द करने राहुल की याचिका खारिज : मोदी चोरों का सरदार है टिप्पणी मामले को हाईकोर्ट से झटका, सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता खुला

admin

admin

Sep 08, 2026
09:37 AM
मोदी चोरों का सरदार है टिप्पणी मामले को हाईकोर्ट से झटका, सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता खुला

मुंबई। वर्ष 2018 में राफेल विमान सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ा झटका लगा है। बाॅम्बे हाईकोर्ट ने साल 2019 में मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा जारी किए गए समन को रद्द करने से इनकार कर राहुल की याचिका को खारिज कर दिया है।

न्यायमूर्ति एन. आर. बोरकर की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश में ऐसी कोई गंभीर कानूनी त्रुटि या विकृति नजर नहीं आती, जिसके आधार पर हाईकोर्ट को उसमें हस्तक्षेप करना पड़े। इसके साथ ही 28 अगस्त 2019 को गिरगांव मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश प्रभावी बना हुआ है।

राहुल के वकील ने पेश की दलीलें

वहीं राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुदीप पसबोला और अधिवक्ता कुशल मोर ने अदालत में तर्क दिया कि शिकायत आधारहीन है। उनका कहना था कि शिकायतकर्ता कथित बयान से सीधे तौर पर प्रभावित व्यक्ति नहीं हैं और उनके पास ऐसी शिकायत दाखिल करने का उचित कानूनी आधार भी नहीं है।

हालांकि, हाईकोर्ट ने इन दलीलों के आधार पर मजिस्ट्रेट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। फिलहाल समन बरकरार है, लेकिन छह सप्ताह की रोक के कारण राहुल गांधी को आगे की कानूनी राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का अवसर मिला हुआ है।

राफेल विवाद से जुड़ा है मामला

बता दें कि पूरा विवाद वर्ष 2018 में राफेल विमान सौदे को लेकर राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। आरोप है कि राजस्थान में एक सार्वजनिक सभा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के लिए ‘कमांडर-इन-थीफ’ यानी ‘चोरों का सरदार’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा शिकायत में दावा किया गया कि राहुल गांधी ने बाद में अपने तत्कालीन ट्विटर और अब एक्स खाते पर भी कथित तौर पर इसी टिप्पणी से जुड़ा वीडियो साझा किया था।

मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती दी थी

राहुल गांधी ने अपनी याचिका के जरिए मजिस्ट्रेट अदालत की उस कार्रवाई को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया था।

हाईकोर्ट ने हालांकि अपने नवंबर 2021 के पुराने आदेश को बरकरार रखा है। उस आदेश में मजिस्ट्रेट अदालत को मामले की सुनवाई छह सप्ताह के लिए आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। इसका मतलब है कि राहुल गांधी के पास अब इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प मौजूद है।

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें