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चारों तरफ पानी ही पानी : प्रयागराज में तबाही की बारिश, घरों में घुसा पानी, गृहस्थी हुई तबाह, जलभवराव-बदहाली के बीच डूबी संगमनगरी की चमक

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 19, 2026
09:58 AM
प्रयागराज में तबाही की बारिश, घरों में घुसा पानी, गृहस्थी हुई तबाह, जलभवराव-बदहाली के बीच डूबी संगमनगरी की चमक

प्रयागराज। प्रयागराज में बारिश ने ऐसी तबाही मचाई है कि संगमनगरी की चमक अब जलभराव और बदहाली के बीच डूबती नजर आ रही है। जिन सड़कों पर कभी चहल-पहल रहती थी, वहां अब गंदा पानी कई फीट तक जमा है। नाले और नालियां उफनाकर लोगों के घरों में घुस चुके हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई परिवार अपनी ही गृहस्थी को पानी में डूबते देखने को मजबूर हैं। बच्चों की किताबें, अनाज, कपड़े और जरूरी सामान बर्बाद हो रहे हैं।

बिजली कटने से करंट का खतरा अलग मंडरा रहा है, जबकि पानी में सांप और दूसरे जहरीले जीवों की मौजूदगी ने लोगों की नींद उड़ा दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की जलनिकासी व्यवस्था दो-चार दिन की बारिश के सामने क्यों ढह गई? प्रयागराज में बारिश आफत बन चुकी है और जिम्मेदार व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा बाढ़ का खतरा

गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की चिंता भी बढ़ा दी है। मंगलवार को नैनी में यमुना का जलस्तर 79.09 मीटर से बढ़कर 79.35 मीटर पहुंच गया। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.95 से बढ़कर 80.11 मीटर और छतनाग में 78.74 से बढ़कर 78.92 मीटर हो गया। नदियों का पानी बढ़ने से तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। घाटों की सीढ़ियां डूबने और रास्तों पर पानी पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है।

घरों में डूबा सामान, छतों पर गुजर रही रात

आनंदपुरम में सौ से अधिक घरों में घुटनों तक पानी भर गया है। लोगों का अनाज, कपड़े और बच्चों की किताबें तक खराब हो गई हैं। वहीं करेली की जेके आशियाना कॉलोनी और गड्ढा कॉलोनी में कई परिवारों को छतों पर पन्नी लगाकर रात गुजारनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से घरों में खाना तक नहीं बन पा रहा। गंदे पानी, कीचड़ और बदबू के कारण रहना मुश्किल हो गया है।

पानी निकासी में बाधा बनी बड़ी चुनौती

गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद स्लूज गेट बंद किए जाने से पानी की निकासी प्रभावित हुई है। कई निचले इलाकों में नाले और सीवर व्यवस्था दबाव में है। अल्लापुर में क्षतिग्रस्त सीवर लाइन के कारण भी समस्या बढ़ गई है। महापौर गणेश केसरवानी और नगर आयुक्त ने बाढ़ पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण कर सभी पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता से तैयार रखने का निर्देश दिया है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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