मप्र सरकार का बड़ा तोहफा : 2,548 आंगनवाड़ी पदों पर भर्ती शुरू, स्थानीय महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता, 13 जुलाई तक कर सकेंगे आवदेन

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण और पोषण सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 2,548 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस भर्ती के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 781 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 1,767 आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी, जिसमें स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी 13 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
स्थानीय महिलाओं को मिलेगा प्राथमिकता का लाभ
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती में केवल उसी राजस्व ग्राम या शहरी वार्ड की महिला आवेदन कर सकेगी, जहां संबंधित पद रिक्त है। दूसरे ग्राम या वार्ड की महिला उस पद के लिए पात्र नहीं होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना और समुदाय से जुड़े कार्यों में बेहतर सहभागिता सुनिश्चित करना है।
12वीं पास और 18 से 35 वर्ष आयु अनिवार्य
दोनों पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं (हायर सेकेंडरी) उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। 1 जनवरी 2026 की स्थिति में आवेदिका की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु प्रमाण के लिए 10वीं की अंकसूची मान्य होगी। आवेदन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज पीडीएफ प्रारूप में अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। आवेदन शुल्क 100 रुपये तथा उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी देय होगा।
13 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन, 15 जुलाई तक सुधार का मौका
आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है और केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थी एमपी ऑनलाइन के चयन पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 13 जुलाई 2026 तय की गई है, जबकि फॉर्म में त्रुटि सुधार के लिए 15 जुलाई तक का अवसर मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन आवेदन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
प्रदेशभर के जिलों में निकली हैं रिक्तियां
भर्ती के तहत इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रीवा, छिंदवाड़ा, धार, खरगोन, विदिशा, राजगढ़, बैतूल, रतलाम, बालाघाट समेत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में पद रिक्त हैं। सबसे अधिक रिक्तियां सहायिका पदों पर हैं, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस भर्ती से एक ओर स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और मातृ-शिशु पोषण सेवाएं भी अधिक प्रभावी बन सकेंगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
