एसआईआर पर बहस करनी है तो पीएम को लिखे खत : शाह ने राहुल को दी खुली चुनौती, सातवीं कक्षा का किस्सा सुना कसा तीखा तंज

करनाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के करनाल में भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावों में हार का सामना करने के बाद राहुल गांधी बौखलाए हुए हैं और अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग तथा एसआईआर प्रक्रिया पर फोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं शाह ने अपनी सातवीं क्लास का एक किस्सा सुनाकर कांग्रेस और राहुल पर जोरदार तंज भी कसा।
मंत्री शाह ने कहा कि जब कबड्डी में सातवीं क्लास की टीम लगातार जीतने लगी तो नौवीं क्लास के खिलाड़ियों ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने तय किया कि खेल में हारने के बजाय रेफरी को ही चीटर बता दिया जाए। शाह ने इसी किस्से के जरिए राहुल गांधी पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी भी ऐसा ही कर रहे हैं। शाह ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि एसआईआर पर चर्चा करनी है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखें। भाजपा संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है।
संसद में चर्चा से भागती है कांग्रेस
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद को चलने नहीं देते और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय हंगामा तथा बहिष्कार करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा का सर्वोच्च मंच है। देश की समस्याओं और जनता के हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा सड़कों पर नहीं, बल्कि संसद में होनी चाहिए। शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी सड़क पर चर्चा करना चाहते हैं तो हरियाणा के किसी चैराहे का स्थान बता दें। भाजपा युवा मोर्चा का अध्यक्ष उनसे चर्चा करने पहुंच जाएगा।
एसआईआर पर विशेष सत्र बुलाने की चुनौती
अमित शाह ने राहुल गांधी के एसआईआर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2014, 2019 और 2024 में कांग्रेस बिना एसआईआर के भी चुनाव हारी थी। हरियाणा और महाराष्ट्र में भी एसआईआर के बिना कांग्रेस को हार मिली। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी को एसआईआर पर चर्चा की चुनौती देने के बजाय उन्हें पत्र लिखें। भाजपा इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है।
राहुल गांधी के राजनीतिक रिकॉर्ड पर भी उठाए सवाल
अमित शाह ने राहुल गांधी के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह कांग्रेस महासचिव बने थे, तब पार्टी के 1200 विधायक थे। उपाध्यक्ष बनने के समय यह संख्या 900 और अध्यक्ष बनने के समय करीब 700 रह गई। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान यह संख्या और घटकर 600 रह गई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार कमजोर हुई है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की ताकत बढ़ी है। शाह ने 1984 के सिख दंगों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस को घेरा और कहा कि जनता को पार्टी का पुराना रिकॉर्ड भी याद रखना चाहिए।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
