सावरकर टिप्पणी मामले में राहुल को सुप्रीम राहत : शीर्ष अदालत ने निचली अदालत की कार्यवाही और समन किया रद्द

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को वीर सावरकर से जुड़ी टिप्पणी के मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राहुल के खिलाफ वीर वारकर से जुड़े आपराधिक मानहानि का केस रद्द कर दिया है। कांग्रेस के नेता के खिलाफ यह मामला उत्तरप्रदेश में दर्ज किया गया था।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने निचली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही और जारी समन को रद्द कर दिया। शीर्ष अदालत ने पाया कि राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ाने के लिए कानून के तहत आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी। कोर्ट ने कहा कि जब सैंक्शन की जरूरत होती है और वह नहीं है, तो मामला वहीं खत्म हो जाता है.
क्या है पूरा मामला?
मामला वर्ष 2022 में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र में दिए गए एक बयान से जुड़ा है। आरोप था कि उन्होंने वीर सावरकर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें अंग्रेजों का सेवक बताया था। राहुल गांधी ने कथित तौर पर यह भी कहा था कि सावरकर अंग्रेजों से पेंशन लेते थे।
इन टिप्पणियों को लेकर अधिवक्ता नृपेंद्र पांडे ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में राहुल गांधी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए और 505 के तहत आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इन टिप्पणियों से समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश हुई।
मजिस्ट्रेट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
जून 2023 में मजिस्ट्रेट अदालत ने शिकायत खारिज कर दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सत्र अदालत का रुख किया। सत्र अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए मामला फिर मजिस्ट्रेट अदालत को भेज दिया।
दिसंबर 2024 में निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए उन्हें समन जारी किया। इसके बाद राहुल गांधी ने राहत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अप्रैल 2025 में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया की कमी को माना अहम
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने मामले की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कानूनी कमी पाई और निचली अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही तथा समन को रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद राहुल गांधी को सावरकर टिप्पणी मामले में तत्काल बड़ी कानूनी राहत मिल गई है।
प्रफुल्ल तिवारी
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