ऐसी शर्मनाक टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी, : राहुल गांधी पर राजनाथ का तीखा प्रहार, बोले- विपक्ष के नेता ने पद की गरिमा तार-तार की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस नेता पर जोरदार पलटवार करते हुए उनके बयान को न केवल छोटी सोच का परिचायक बताया, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ भी करार दिया। राजनाथ सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि राहुल गांधी की भाषा और आरोप बेहद निंदनीय हैं और इस तरह की टिप्पणी देशहित से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक विवाद में बदलने की कोशिश है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के बयान से उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरी पीड़ा हुई है।
‘गांधी सरनेम वाले से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं’
राजनाथ सिंह ने कहा कि वह यह सोच भी नहीं सकते कि गांधी सरनेम वाला कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की शर्मनाक टिप्पणी कर सकता है। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद पर रहते हुए ऐसा अभद्र और अकल्पनीय व्यवहार पहले कभी नहीं देखा। रक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता सरकार और प्रधानमंत्री की नीतियों पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन राजनीतिक मतभेदों के बीच भाषा और आचरण की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
‘लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत’
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के मन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति निराशा हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सार्वजनिक मंचों पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जाए। उनके मुताबिक इस तरह का आचरण स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए लगातार काम किया है। राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के विकास और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम किया है।
‘हर भारतीय को पहुंचती है पीड़ा’
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लंबे समय तक पूरी लगन से देश के लिए काम किया और अपने कार्यकाल में लगातार सक्रिय रहे। ऐसे प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी केवल राजनीतिक हमला नहीं है, बल्कि इससे देश के लोगों को भी पीड़ा होती है।
कांग्रेस की विरासत पर भी उठाए सवाल
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि इस तरह की भाषा और आचरण के बाद पार्टी लाल-बाल-पाल, महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री, पीवी नरसिम्हा राव और प्रणब मुखर्जी जैसे नेताओं की विरासत पर कैसे दावा कर सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान से प्रधानमंत्री पद की गरिमा के साथ-साथ विपक्ष के नेता के संवैधानिक पद की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा है। राजनाथ सिंह का यह बयान राहुल गांधी की टिप्पणी पर केंद्र सरकार की ओर से अब तक के सबसे तीखे राजनीतिक पलटवारों में से एक माना जा रहा है।
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