पदोन्नति नियमों पर कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा : कल प्रदेशभर के कर्मचारी जुटेंगे भोपाल, मंत्रालय के सामने आंदोलन का ऐलान

भोपाल। दस साल बाद मिली पदोन्नति की प्रक्रिया अब कर्मचारियों के विरोध के घेरे में आ गई है। पदोन्नति नियमों में बदलाव को लेकर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ का आरोप है कि सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा 22 जुलाई 2026 को जारी किए गए नए परिपत्र से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदोन्नति अवसर प्रभावित हो रहे हैं। इसके विरोध में संघ ने 7 अगस्त को भोपाल स्थित मंत्रालय (वल्लभ भवन) के सामने प्रदेशव्यापी आंदोलन करने की घोषणा की है।
संघ ने निर्णय लिया है कि आंदोलन के दौरान परिपत्र की प्रतीकात्मक होली जलाई जाएगी और मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2010 के प्रावधानों के अनुसार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर देने की मांग की जाएगी।
नए परिपत्र से प्रभावित हो रहे कर्मचारियों के हित
मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ का कहना है कि 22 जुलाई को जारी जीएडी परिपत्र के कारण विभिन्न विभागों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। संघ के अनुसार, लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों में इस निर्णय को लेकर नाराजगी है।
संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि नया परिपत्र जारी करते समय वर्ष 2010 और 2015 के पुराने प्रावधानों का उचित परीक्षण नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को निर्धारित नियमों और शर्तों के आधार पर पदोन्नति का अवसर दिया जाता था।
पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग
संघ का तर्क है कि पूर्व व्यवस्था में कर्मचारियों को आवश्यक योग्यता हासिल करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाता था। नए नियमों के कारण कई कर्मचारी पदोन्नति के अवसर से वंचित हो सकते हैं। संघ ने मांग की है कि 22 जुलाई 2026 का जीएडी परिपत्र तत्काल निरस्त किया जाए और वर्ष 2010 के प्रावधानों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया को लागू किया जाए। संघ ने इसे कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
मंत्रालय के सामने होगा प्रदर्शन, सौंपेंगे ज्ञापन
मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनिल भार्गव (वायु) ने बताया कि 7 अगस्त को होने वाले आंदोलन में प्रदेशभर से कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी मंत्रालय के सामने एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी विरोध के बजाय कर्मचारियों के पदोन्नति अधिकारों की रक्षा और पुरानी व्यवस्था को लागू कराना है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो कर्मचारी आगे की रणनीति तय करेंगे।
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