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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, : चंपत राय और अनिल मिश्रा पर ट्रस्ट की गाज, कृष्ण मोहन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बैठक में जांच-निगरानी के लिए नई कमेटी का ऐलान

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Jul 06, 2026
03:47 PM
चंपत राय और अनिल मिश्रा पर ट्रस्ट की गाज, कृष्ण मोहन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बैठक में जांच-निगरानी के लिए नई कमेटी का ऐलान

लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को अहम बैठक की। तीन घंटे तक मैराथन बैठक में बड़े प्रशासनिक फेरबदल कर दिए गए हैं। प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। एक ओर जहां महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। पूर्व आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, हालिया विवाद और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

ट्रस्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि चोरी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और एसआईटी निष्पक्ष जांच कर उन्हें कानून के तहत कठोर दंड दिलाएगी। इसके साथ ही ट्रस्ट ने चिंता जताई कि कुछ असामाजिक तत्व इस घटना की आड़ में देश भर में राम मंदिर और रामभक्तों की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, इसलिए समाज को ऐसी किसी भी तरह की अफवाहों और भ्रामक प्रचार से पूरी तरह सावधान रहना चाहिए।

विवाद के बाद तय समय से पहले हुई बैठक

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि बैठक पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम को देखते हुए इसे 6 जुलाई को ही बुलाया गया। बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, शंकराचार्य, पेजावर मठ के विश्व प्रसन्न तीर्थ और अयोध्या के जिलाधिकारी सहित कई सदस्य शामिल हुए। देव गिरी ने कहा कि मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता थी, इसलिए सभी वरिष्ठ सदस्य समय से पहले एकत्र हुए।

इस्तीफे पर ट्रस्ट ने लिया बड़ा फैसला

स्वामी गोविंद देव गिरी के अनुसार, चंपत राय ने हालिया घटनाक्रम से आहत होकर नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया था। उनका मानना था कि जब तक पूरी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। ट्रस्ट के संविधान के अनुसार इस्तीफा देने के साथ ही उसे मान्य माना गया, जिसके बाद उसे स्वीकार कर लिया गया। ट्रस्ट ने उनके लंबे कार्यकाल और योगदान की सराहना भी की।

नई जिम्मेदारियों के साथ प्रशासनिक बदलाव

बैठक में ट्रस्ट की भविष्य की व्यवस्थाओं के लिए कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही ट्रस्ट के एक विशेष सदस्य को हटाने का निर्णय भी लिया गया। ट्रस्ट ने ष्टश्वह्र की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है, जिसमें एक रिटायर्ड जज, एक लेफ्टिनेंट जनरल और एक वरिष्ठ वैज्ञानिक शामिल हैं। यह कमेटी प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर काम करेगी।

दान और सुरक्षा व्यवस्था पर सफाई

ट्रस्ट ने दान और चढ़ावे से जुड़ी किसी भी अनियमितता के आरोपों को खारिज किया। बैठक में दावा किया गया कि सभी 2800 दान की वस्तुएं सुरक्षित हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी वस्तु के गायब होने का कोई प्रमाण नहीं है। ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

आगे की जांच और सख्त निगरानी का ऐलान

ट्रस्ट ने भविष्य में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नई निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक छोटी समिति बनाई जाएगी, जो सभी गतिविधियों पर नजर रखेगी। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि आगे से हर प्रक्रिया को और अधिक सख्त और पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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