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बेटियों ने दिखाई ताकत, हिला प्रशासन, : बच गया उज्जैन का कन्या विद्यालय, शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा छात्राओं की हुंकार का असर

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 19, 2026
07:44 AM
बच गया उज्जैन का कन्या विद्यालय, शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा छात्राओं की हुंकार का असर

उज्जैन। उज्जैन में अपनी पढ़ाई और स्कूल के अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही छात्राओं के आंदोलन ने आखिरकार प्रशासन को फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया। चार दिन पहले शुरू हुआ विरोध अब बड़ी जीत में बदल गया है। छात्राओं की एकजुटता, भावुक अपील और बढ़ते जनसमर्थन के बाद प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने साफ कर दिया कि सराफा कन्या उच्चतर विद्यालय को वर्तमान स्थान से हटाया नहीं जाएगा। इतना ही नहीं, छात्राओं की आवाज का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। शहर के दो क्षेत्रों में नए सीएम राइज स्कूल खोलने की घोषणा कर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

14 अगस्त को सड़कों पर उतरी थीं छात्राएं

मामला 14 अगस्त को उस समय गरमा गया था, जब सराफा कन्या विद्यालय की छात्राओं ने स्कूल को स्थानांतरित किए जाने की आशंका के विरोध में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया था। बड़ी संख्या में छात्राएं प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस दौरान छात्राओं के भावुक वीडियो भी सामने आए, जिन्हें सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला।

प्रशासन ने स्कूल को लेकर दिया बड़ा भरोसा

छात्राओं के आंदोलन के बाद सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष स्कूल परिसर पहुंचे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी मांगें स्वीकार करने की घोषणा की।

स्पष्ट किया गया कि सराफा कन्या विद्यालय वर्तमान स्थान पर ही संचालित होगा। भविष्य में क्षेत्र में कोई नया निर्माण होता है तो उसे भी इसी आसपास रखने का प्रयास किया जाएगा।

दो नए सीएम राइज स्कूलों की घोषणा

शहर में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए उत्तम नगर और मुरलीपुरा क्षेत्रों में दो नए सीएम राइज स्कूल खोलने का ऐलान किया गया। इससे इन इलाकों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

‘बेटियों की पढ़ाई में नहीं आएगी बाधा’

सांसद अनिल फिरोजिया ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि विद्यालय को कहीं स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा ने भी कहा कि बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।

फैसले के बाद छात्राओं के चेहरे खिले

प्रशासन के फैसले की जानकारी मिलते ही छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्राओं ने अपनी मांगें स्वीकार किए जाने पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का आभार जताया। उनका कहना था कि प्रशासन ने उनकी भावनाओं और शिक्षा के प्रति लगाव को समझा है। यह फैसला उनकी एकजुटता और शांतिपूर्ण संघर्ष की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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