सनातन की एकता ही समाज-राष्ट्र की मजबूती का आधार : गोरखपुर मंदिर में बोले यूपी सीएम, आचार्यों के योगदान को भी किया याद

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म की एकता को समाज और राष्ट्र की मजबूती का आधार बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पंथ और संप्रदायों की उपासना पद्धतियां भले ही अलग हों, लेकिन सभी के कल्याण का आधार व्यापक सनातन धर्म की मजबूती में निहित है। योगी ने यह बड़ी बात मंगलवार को गोरखपुर मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित सप्त दिवसीय समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि भी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब 140 करोड़ लोग एक स्वर में अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन करेंगे तो दुनिया की कोई भी ताकत उनके सामने नहीं टिक सकती। उन्होंने एकता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि अलग-अलग दिशा में होने वाली गति प्रगति का कारण नहीं बनती, बल्कि दुर्गति का कारण बन सकती है। इसी तरह अलग-अलग स्वर समाज की ताकत बढ़ाने के बजाय कमजोरी और पराजय का कारण बन सकते हैं।
महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ को दी श्रद्धांजलि
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गुरु एवं पूर्ववर्ती आचार्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि दोनों महापुरुषों ने जिन उद्देश्यों और मूल्यों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
योगी ने कहा कि महापुरुषों के दूरदर्शी कार्य केवल अपने समय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करते हैं। गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद इसी परंपरा और विचारधारा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
‘राम मंदिर से जिन्हें परेशानी, वे भ्रम फैलाएंगे’
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर और सनातन परंपरा का वैभव जिन्हें स्वीकार नहीं है, वे समाज में भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार संजीवनी बूटी लेने के दौरान हनुमान जी ने कालनेमि को पहचान लिया था, उसी प्रकार रामभक्तों को भी भ्रम फैलाने वालों को पहचानना होगा।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर लंबे समय बाद सनातन धर्मावलंबियों के लिए गौरव का विषय बना है। मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए महंत दिग्विजयनाथ की भूमिका को भी याद किया।
काशी से अयोध्या और विंध्यवासिनी धाम तक का किया जिक्र
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि और विंध्यवासिनी धाम के भव्य स्वरूप की चर्चा की।
उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि महाकुंभ ने दुनिया के सामने सनातन परंपरा की व्यापकता और सामर्थ्य को प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने वृंदावन में आयोजित वैष्णव कुंभ का भी उल्लेख किया और कहा कि सनातन परंपरा की विविध धाराओं को अपनी-अपनी परंपराओं का पालन करते हुए व्यापक सनातन धर्म की एकता को मजबूत करना चाहिए।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
