MP में फिर मेहरबान मानसून: : 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल में रात तक बरसे बादल

भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब ढाई से चार इंच तक बारिश होने का अनुमान है।
17 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी
भारी बारिश के दायरे में शिवपुरी, विदिशा, गुना, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, उमरिया, शहडोल, मंडला और अनूपपुर शामिल हैं। इन जिलों में कहीं तेज बारिश तो कहीं गरज-चमक के साथ भारी पानी गिरने की संभावना है। वहीं भोपाल समेत प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। कई जगह हल्की से तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरजने की स्थिति बन सकती है।
भोपाल में दिनभर रुक-रुककर बरसे बादल
राजधानी भोपाल में बुधवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही और देर रात तक कई इलाकों में पानी गिरता रहा। सीहोर में बारिश इतनी तेज रही कि दिन के समय ही आसमान में अंधेरा छा गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन तक प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है।
29 अगस्त से बारिश की रफ्तार होगी धीमी
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 27 और 28 अगस्त को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 अगस्त को प्रदेश में तेज बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। मानसून ट्रफ, कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण की सक्रियता के कारण फिलहाल बारिश का सिस्टम मजबूत बना हुआ है। हालांकि राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर की शुरुआत में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो सकता है।
39 जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी कमजोर
प्रदेश में कई इलाकों में अच्छी बारिश के बावजूद करीब 39 जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में कुल बारिश सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम बताई जा रही है।
बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडोरी समेत कई जिलों में बारिश की कमी दर्ज हुई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिलों में सामान्य से 3 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
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