नेपाल विनाशकारी बाढ़ पर चीन पर सवाल : राजदूत ने राहत का दिया भरोसा

नई दिल्ली। नेपाल में तिब्बत सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अब प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ चीन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। नेपाल के पत्रकारों के एक समूह ने आरोप लगाया है कि बाढ़ का खतरा बढ़ने की जानकारी नेपाल को समय रहते नहीं दी गई। इन आरोपों के बीच नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने आपदा को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए चीन की ओर से जारी राहत प्रयासों और सहायता का ब्योरा साझा किया है।
चीन-नेपाल सीमा पर तबाही से मचा हाहाकार
ग्यिरोंग-रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने नेपाल और चीन, दोनों तरफ भारी तबाही मचाई है। चीनी राजदूत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इस आपदा पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस हादसे में दोनों देशों की तरफ बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है।
राजदूत ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में चीन नेपाल के साथ खड़ा है। उनका कहना है कि चीन के हिस्से में भी आपदा से काफी नुकसान हुआ है, इसके बावजूद नेपाल के लिए आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक सहायता की व्यवस्था तुरंत शुरू की गई।
राहत के लिए हर संभव मदद का दावा
झांग माओमिंग ने भरोसा दिलाया कि चीन आगे भी नेपाल को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग की बात करते हुए कहा कि मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य करने के प्रयास किए जाएंगे।
चीन की ओर से सामने आए इस बयान में राहत और आर्थिक मदद पर खास जोर दिया गया है। हालांकि, नेपाल के पत्रकारों द्वारा लगाए गए सबसे अहम आरोप—बाढ़ की पूर्व सूचना समय पर साझा नहीं किए जाने—पर चीनी राजदूत ने सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
बाढ़ की सूचना पर क्यों उठे सवाल?
ग्यिरोंग-रसुवागढ़ी क्षेत्र दोनों देशों के लिए रणनीतिक और महत्वपूर्ण सीमा इलाका है। यहां अचानक आई बाढ़ के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि सीमा पार आपदा की जानकारी कितनी जल्दी साझा की गई और दोनों देशों के बीच मौजूदा आपदा-पूर्व चेतावनी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही।
इसी मुद्दे ने बाढ़ को सिर्फ प्राकृतिक आपदा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे नेपाल-चीन संबंधों और सीमा पार आपदा प्रबंधन से जुड़ी बहस का हिस्सा बना दिया है।
दोनों देशों में बढ़ा मौत और लापता लोगों का आंकड़ा
इस बीच फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल और चीन में जनहानि का आंकड़ा लगातार गंभीर बना हुआ है। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में अब तक 157 लोगों की मौत हुई है, जबकि 403 लोग लापता बताए जा रहे हैं। चीन की तरफ भी स्थिति बेहद चिंताजनक है और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
राहत-बचाव अभियान पर टिकी नजरें
हिमालयी सीमा क्षेत्र में आई इस भयावह बाढ़ ने सड़क, संपर्क और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी प्रभावित किया है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह भी साफ होने की उम्मीद है कि बाढ़ की पूर्व सूचना, सीमा पार जल प्रवाह और आपदा के दौरान दोनों देशों के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
फिलहाल चीन ने नेपाल को सहायता जारी रखने का भरोसा दिया है, लेकिन समय पर बाढ़ की जानकारी साझा करने के आरोप ने इस पूरी आपदा को एक अहम कूटनीतिक मुद्दे में बदल दिया है।
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