MP कांग्रेस का टैलेंट हंट ही सवालों के घेरे में : 500 आवेदन, कई दौर के इंटरव्यू, फिर भी फैसला अधूरा, तीन महीनें से दिल्ली धूल खा रही प्रवक्ताओं की लिस्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस का बड़े दावों के साथ शुरू किया गया श्टैलेंट हंटश् अब खुद पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। नए प्रवक्ता और मीडिया टीम तैयार करने के लिए प्रदेशभर से आवेदन मंगाए गए, कई चरणों में इंटरव्यू हुए और उम्मीदवारों का चयन भी लगभग पूरा हो गया, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी अंतिम सूची जारी नहीं हो सकी।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि फाइल दिल्ली हाईकमान की मंजूरी का इंतजार कर रही है, जबकि सैकड़ों दावेदार अब भी जिम्मेदारी मिलने की राह देख रहे हैं। संगठन में नए चेहरों को आगे लाने का दावा करने वाली कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो आखिर नियुक्तियों पर फैसला कब होगा। यह देरी अब पार्टी के भीतर भी चर्चा और असंतोष की वजह बनती जा रही है।
500 आवेदन, कई दौर के इंटरव्यू, फिर भी फैसला अधूरा
प्रदेश कांग्रेस ने 28 फरवरी तक प्रवक्ता और मीडिया विभाग के विभिन्न पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। प्रदेशभर से करीब 500 आवेदन प्राप्त हुए। इसके बाद मार्च में संभाग स्तर पर इंटरव्यू आयोजित किए गए और चयनित उम्मीदवारों को भोपाल बुलाकर प्रदेश स्तर पर वरिष्ठ नेताओं की समिति ने अंतिम साक्षात्कार लिया। योजना के तहत करीब 20 नए प्रवक्ताओं के अलावा शोध, मीडिया समन्वय और प्रचार-प्रसार से जुड़े पदों पर भी नियुक्तियां की जानी थीं, लेकिन पूरी प्रक्रिया के बाद भी अंतिम सूची सामने नहीं आई।
नए चेहरों को मौका देने का दावा, लेकिन इंतजार ने बढ़ाए सवाल
कांग्रेस का दावा था कि इस पहल के जरिए ऐसे युवाओं और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों को आगे लाया जाएगा, जो तथ्यों और शोध के आधार पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रख सकें। खास बात यह थी कि गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली लोगों को भी अवसर देने की बात कही गई थी। हालांकि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्तियों में देरी ने पार्टी के अंदर ही सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर सूची जारी होने में इतना वक्त क्यों लग रहा है।
कांग्रेस का बचाव- जल्दबाजी नहीं, क्षमता के आधार पर होगा चयन
पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि यह सामान्य सदस्यता अभियान नहीं बल्कि जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया है। इसलिए केवल नाम देखकर किसी को पद नहीं दिया जा सकता। उनके मुताबिक पार्टी उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि, सामाजिक सक्रियता, उपलब्धियों और सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका निभाने की क्षमता का गहन मूल्यांकन कर रही है। उनका कहना है कि आने वाली सूची में मध्यमवर्गीय और गैर-राजनीतिक परिवारों से जुड़े कई युवा भी शामिल हो सकते हैं।
सूची का इंतजार जारी, दावेदारों की नजर दिल्ली पर
तीन महीने से अधिक समय गुजरने के बाद भी अंतिम सूची जारी नहीं होने से दावेदारों की बेचैनी लगातार बढ़ रही है। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और नए नेतृत्व को आगे लाने की बात तो कर रही है, लेकिन प्रवक्ताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया लंबी खिंचने से उसकी कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली से मंजूरी कब मिलती है और टैलेंट हंट में चयनित चेहरों को आखिरकार पार्टी का आधिकारिक मंच कब मिलता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
