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सरयू तट पर जगमगाएंगे 30 लाख दीप : अयोध्या के दीपोत्सव में दिखेगा तकनकी और आस्था का अनूठा संगम, सात समंदर पार से पहुंचेगी आस्था

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 31, 2026
08:12 AM
अयोध्या के दीपोत्सव में दिखेगा तकनकी और आस्था का अनूठा संगम, सात समंदर पार से पहुंचेगी आस्था

लखनऊ। अयोध्या के ऐतिहासिक दीपोत्सव-2026 में इस बार तकनीक और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले रामभक्त भी डिजिटल माध्यम से दीपोत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीराम के चरणों में दीप अर्पित कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार 30 लाख दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में डिजिटल धार्मिक मंच श्श्री मंदिरश् ऐप के माध्यम से एक लाख दीप जलाए जाएंगे।

घर बैठे अयोध्या में अपने नाम से कर सकेंगे दीपदान

इस विशेष पहल के तहत दुनिया के किसी भी कोने में बैठा श्रद्धालु अयोध्या के राजद्वार में भगवान श्रीराम के चरणों में अपने नाम से दीप अर्पित कर सकेगा। दीपोत्सव के 10वें संस्करण में लगातार पांचवें वर्ष श्री मंदिर ऐप यह पहल कर रहा है। श्रद्धालु एक, पांच, 11 और 21 दीप अर्पित करने का विकल्प चुन सकेंगे। ऑनलाइन बुकिंग के बाद अयोध्या के राजद्वार में विद्वान पुरोहित संबंधित श्रद्धालु के नाम और गोत्र से संकल्प लेकर वैदिक रीति-रिवाज के साथ दीप प्रज्वलित करेंगे।

दीपदान का वीडियो भी श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा

इस पहल की खास बात यह है कि दीपदान की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी। बाद में यह वीडियो संबंधित श्रद्धालु के साथ डिजिटल माध्यम से साझा किया जाएगा। इससे विदेशों और देश के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले रामभक्त भी अयोध्या के दीपोत्सव से सीधे जुड़ सकेंगे और अपने आराध्य के चरणों में दीप अर्पित करने का आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

अखंड रामायण पाठ से महाअन्नदान तक होंगे धार्मिक आयोजन

श्री मंदिर ऐप की ओर से दीपोत्सव के अवसर पर दीपदान के अलावा कई अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें अखंड रामायण पाठ, विद्वान आचार्यों और ब्राह्मणों का विधि-विधान से वंदन एवं सेवा शामिल है। इसके साथ ही पांच हजार से अधिक साधु-संतों, श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए महाअन्नदान एवं भंडारे की व्यवस्था भी की जाएगी।

आस्था और तीर्थस्थल के बीच दूरी नहीं बनेगी बाधा

श्री मंदिर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत सचान ने कहा कि किसी भी श्रद्धालु की आस्था और उसके आराध्य के पवित्र तीर्थस्थल के बीच भौगोलिक दूरी बाधा नहीं बननी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के दीपोत्सव और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि श्री मंदिर का प्रयास है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले रामभक्त का संकल्प अयोध्या तक पहुंचे और उनके नाम से प्रज्वलित होने वाला प्रत्येक दीप पूरी श्रद्धा, सम्मान और वैदिक विधि-विधान के साथ समर्पित किया जाए।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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