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रीवा में खाकी पर दागः : कथित पत्रकार-टीआई गठजोड़ से शिक्षक को फंसाने का आरोप, तनाव में काटी हाथ की नस, कलेक्टर ने लिया संज्ञान

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May 25, 2026
09:34 AM
कथित पत्रकार-टीआई गठजोड़ से शिक्षक को फंसाने का आरोप, तनाव में काटी हाथ की नस, कलेक्टर ने लिया संज्ञान

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में पदस्थ थाना प्रभारी हितेंद्रनाथ शर्मा और एक कथित पत्रकार पर सरकारी शिक्षक को झूठे मामले में फंसाकर प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं। मानसिक तनाव से परेशान शिक्षक अनिल कुमार तिवारी ने कथित रूप से हाथ की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद शिक्षक द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। शिक्षक संगठनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

प्लॉट विवाद से शुरू हुआ मामला

जानकारी के अनुसार विवाद अरुण नगर स्थित एक प्लॉट को लेकर शुरू हुआ। यह प्लॉट शिक्षक अनिल तिवारी की पत्नी के नाम पर बताया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोगों ने प्लॉट पर लगे पेड़ काट दिए। विरोध करने पर कथित पत्रकार अंकित मिश्रा, परमानंद मिश्रा और अन्य लोगों ने परिवार के साथ अभद्रता और मारपीट की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि धमकी देते हुए कहा गया कि “पत्रकार होने के कारण नौकरी तक खत्म करवा दी जाएगी।” इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

थाना प्रभारी पर पक्षपात के आरोप

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्रनाथ शर्मा ने कथित दबाव और सांठगांठ में आकर अनिल तिवारी, उनके भाई और बेटे के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कर ली। परिवार का कहना है कि जिस युवक पर केस दर्ज किया गया, वह घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष की पुरानी चोट को नई घटना से जोड़कर मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराने की कोशिश की गई, ताकि गंभीर धाराएं लगाई जा सकें।

सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

आत्महत्या की कोशिश से पहले शिक्षक ने एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने पुलिस प्रताड़ना और झूठे मुकदमे से मानसिक रूप से टूट जाने की बात कही। पत्र में उन्होंने लिखा कि 28 वर्षों की बेदाग नौकरी के बाद अब वह समाज और विभाग में सम्मान के साथ खड़े होने की स्थिति में नहीं बचे हैं। सुसाइड नोट में थाना प्रभारी पर पैसों के लालच में निर्दोष लोगों को फंसाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

कॉल डिटेल और उच्चस्तरीय जांच की मांग

शिक्षक के भाई ने रीवा एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार ने थाना प्रभारी, कथित पत्रकार और अन्य आरोपियों की कॉल डिटेल जांचने की मांग करते हुए पुलिस और आरोपियों के बीच गठजोड़ की आशंका जताई है।

कलेक्टर ने लिया संज्ञान

मामले के तूल पकड़ने के बाद देर रात कलेक्टर ने संज्ञान लिया और थाना प्रभारी को फोन पर निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि शिक्षक के खिलाफ दर्ज मामला जांच में फर्जी पाया जाता है, तो संबंधित पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल शिक्षक की हालत गंभीर बनी हुई है और पूरे मामले को लेकर जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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