अमेरिका मिडटर्म चुनाव : झटके के बाद बदला अमेरिकी राष्ट्रपति का अंदाज, बनेंगे राजनीतिक पंडित

वाशिंगटन। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इतना ही नहीं ट्रंप के तीनों चहेते चुनाव हार गए हैं और गढ़ में भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने मुंह की खानी पड़ी है। भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ओहायो के. गवर्नर चुनाव में डेमोक्रेट एमी एक्टन से हार गए। जबकि दक्षिण कैरोलिना की सीनेट सीट पर ट्रंप समर्थित डार्लिन ग्राहम को शिकस्त झेलनी पड़ी है। चुनावी नतीजों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अब वह राजनीतिक पंडित की भूमिका निभाएंगे।
ट्रंप ने घोषणा की कि वह उम्मीदवारों की जीत और हार का विश्लेषण करेंगे और बताएंगे कि किस नेता को सफलता मिली और कौन चुनावी मैदान में पिछड़ गया। इस ऐलान के साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर लाल रंग की एक टोपी की तस्वीर साझा की, जिस पर वीटो लिखा हुआ है।
ट्रुथ सोशल पर किया नए रोल का ऐलान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अब वह राजनीतिक श्पंडितश् बनेंगे। वह उम्मीदवारों का अच्छा और बुरा, दोनों तरह का राजनीतिक विश्लेषण करेंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि उम्मीदवारों की जीत या हार के पीछे क्या कारण रहे। उनकी इस पोस्ट को चुनावी नतीजों के बीच उनकी नई राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप ने इसके साथ लाल रंग की श्वीटो कैपश् भी पोस्ट की। दरअसल, मिडटर्म चुनाव से पहले उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी को संसद में बहुमत मिलता है, तो वह उनके प्रस्तावित कानूनों पर वीटो का इस्तेमाल करेंगे। इसी बयान के बाद उन्होंने श्मिस्टर वीटोश् कहलाने की संभावना भी जताई थी।
चुनावी हार पर ट्रंप ने खुद को बताया अलग
इससे पहले ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में चुनावी नतीजों से खुद को अलग करते हुए कहा था कि वह सीधे उम्मीदवार नहीं थे, इसलिए रिपब्लिकन पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल रही। उन्होंने लिखा, ष्चुनाव में मैं उम्मीदवार नहीं था। अगर मैं उम्मीदवार होता, तो हम बहुत बड़े अंतर से जीतते! हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए जमकर प्रचार किया था। उन्होंने मतदाताओं से यहां तक कहा था कि वोट डालते समय यह समझें कि उम्मीदवार असल में खुद ट्रंप हैं।
ओहियो में रामास्वामी की हार से बड़ा झटका
रिपब्लिकन पार्टी के लिए ओहियो का नतीजा खास तौर पर बड़ा झटका माना जा रहा है। यहां ट्रंप के पसंदीदा उम्मीदवारों में शामिल विवेक रामास्वामी को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने हरा दिया। ट्रंप खुद ओहियो पहुंचकर रामास्वामी के समर्थन में प्रचार कर चुके थे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी उनके लिए वोट मांगे थे।
रामास्वामी ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना नाम वापस लेकर ट्रंप का समर्थन किया था। ओहियो में करीब दो दशक बाद डेमोक्रेटिक पार्टी की गवर्नर पद पर वापसी हुई है। एमी एक्टन राज्य की पहली निर्वाचित महिला गवर्नर बनने जा रही हैं। इस नतीजे ने अमेरिकी राजनीति में ट्रंप के प्रभाव और रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
