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हवन-पूजन और महाआरती : भोजशाला में धार्मिक उत्साह का माहौल, पहले मंगलवार को हुए भव्य अनुष्ठान

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May 19, 2026
08:22 AM
भोजशाला में धार्मिक उत्साह का माहौल, पहले मंगलवार को हुए भव्य अनुष्ठान

धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर धार्मिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। हाल ही में यहां मंगलवार को हवन-पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया। यह आयोजन भोज उत्सव समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं की ओर से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल देखा गया।

भोजशाला मामले पर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के हालिया निर्णय के बाद धार्मिक गतिविधियों को लेकर नई परिस्थितियां बनी हैं। निर्णय के बाद श्रद्धालुओं द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि अब उन्हें साल भर पूजा-अर्चना का अधिकार प्राप्त हुआ है। इससे पहले यहां सीमित दिनों में ही पूजा की अनुमति को लेकर लंबे समय से विवाद और आंदोलन की स्थिति बनी हुई थी।

भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे

भक्तों और आयोजकों की प्रतिक्रिया

भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मंगलवार को किया गया अनुष्ठान उनके लंबे समय से चल रहे सत्याग्रह का हिस्सा रहा है। उनके अनुसार श्रद्धालु वर्षों से हर मंगलवार को यहां आकर मां वाग्देवी की पूजा और हवन करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य पूरे वर्ष पूजा-अर्चना का अधिकार सुनिश्चित करना था।

इसी तरह, श्रद्धालु गायत्री पुरोहित ने इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय भक्तों की आस्था और संघर्ष की जीत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने इसे सभी सनातनी श्रद्धालुओं के लिए उत्सव का क्षण बताया और इसे सामूहिक आस्था की अभिव्यक्ति कहा।

लंदन से प्रतिमा लाने का दावा

विश्वास पांडे ने यह भी दावा किया कि उन्हें दिल्ली से यह जानकारी मिली है कि मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से भारत लाने की तैयारियाँ चल रही हैं। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के वापस आने के बाद ही उनका सत्याग्रह पूर्ण माना जाएगा और इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जाएगा।

धार्मिक महत्व

भोजशाला को लेकर चल रहे धार्मिक आयोजनों को श्रद्धालु आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर देखते हैं। भक्तों के अनुसार यह स्थल केवल पूजा का केंद्र नहीं बल्कि उनकी पहचान और विश्वास का प्रतीक है। लगातार हो रहे हवन, पूजन और महाआरती को वे अपनी आध्यात्मिक साधना का हिस्सा मानते हैं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम में न्यायिक निर्णय और सामाजिक भावनाओं का संतुलन भी एक महत्वपूर्ण पहलू बना हुआ है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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