विकास को मिलेगी नई रफ्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह क्षेत्र जशपुर का रेल सपना होगा साकार, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को मिली मंजूरी

जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया है। करीब 292 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन छत्तीसगढ़ और झारखंड के कई क्षेत्रों को जोड़ते हुए जशपुर को सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। जशपुर जिले के लोगों का वर्षों पुराना रेल संपर्क का सपना अब साकार होने की दिशा में बढ़ गया है। रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित कर अधिसूचना जारी कर दी है। करीब 291.881 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से शुरू होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। इसके निर्माण से जशपुर पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
किसानों और उद्यानिकी उत्पाद
रेल संपर्क मिलने से जिले के किसानों को अपने कृषि और उद्यानिकी उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन और बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं परिवहन लागत कम होने से स्थानीय व्यापार और लघु उद्योगों को भी नई गति मिलेगी।
धरमजयगढ़ पत्थलगांव लोहरदगा नई रेल लाइन के फायदे
अब तक सड़क मार्ग पर निर्भर जशपुर के लोगों को रेल सुविधा मिलने से यात्रा अधिक सुरक्षित, सुलभ और किफायती होगी। साथ ही रोजगार, शिक्षा और व्यापार के नए अवसर भी खुलेंगे। यह परियोजना जशपुर समेत पूरे वनांचल क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। धरमजयगढ़ से लोहरदगा तक प्रस्तावित यह रेल लाइन सिर्फ पटरियों का जाल नहीं, बल्कि जशपुर के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई रफ्तार बनने जा रही है। कैमरा पर्सन के साथ
छत्तीसगढ़ व झारखंड के बीच रेल संपर्क को नई मजबूती मिलने जा रही है। रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़ - पत्थलगांव -लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच होगी आसान
रेल संपर्क का लाभ विद्यार्थियों और मरीजों को भी मिलेगा. उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों में जाने वाले विद्यार्थियों की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी. वहीं गंभीर मरीजों को रायपुर, रांची, बिलासपुर और अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों तक पहुंचाने में समय की बचत होगी.


नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
