ट्रंप ने खेला सबसे बड़ा ‘ऑयल कार्ड’ : वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर समझौते का किया दावा, बोले-जल्द सस्ता होगा ईंधन

न्यूयॉर्क। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा क्षेत्र को लेकर एक बड़े समझौते की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील हुई है। ट्रंप के मुताबिक इस समझौते के जरिए अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार में भागीदारी मिलेगी और इसके लिए अमेरिकी करदाताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
ट्रंप का दावा- बढ़ेगी तेल की सप्लाई, घटेंगी ईंधन की कीमतें
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर किए पोस्ट में कहा कि निजी कंपनियों के साथ साझेदारी के माध्यम से अमेरिका ने वेनेजुएला में मौजूद 65 अरब बैरल से अधिक तेल भंडार पर नियंत्रण हासिल किया है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते के बाद अमेरिका का तेल भंडार दोगुने से भी अधिक हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, समझौते से देश में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ेगी और लंबे समय में आम अमेरिकियों के लिए ईंधन की कीमतों में कमी आ सकती है। हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच अमेरिका में तेल कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंताओं को भी बढ़ाया है।
वेनेजुएला ने बताया ऐतिहासिक समझौता
दूसरी ओर, वेनेजुएला सरकार ने भी अमेरिका के साथ हुए समझौते को ऐतिहासिक करार दिया है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के अनुसार, समझौते का उद्देश्य देश के हाइड्रोकार्बन उद्योग के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है।
वेनेजुएला के बयान के मुताबिक निजी ऑपरेटरों की भागीदारी से देश में तेल उत्पादन बढ़ाने की योजना है। समझौते के तहत 17 प्रमुख तेल क्षेत्रों के विकास का प्रस्ताव है, जहां करीब 65 अरब बैरल तेल भंडार की पुष्टि होने का दावा किया गया है।
100 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश का अनुमान
वेनेजुएला सरकार का कहना है कि प्रस्तावित परियोजनाओं के जरिए 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आकर्षित किया जा सकता है। इसके साथ ही सरकार को 209 अरब डॉलर से ज्यादा कर राजस्व मिलने का अनुमान जताया गया है। यदि ये लक्ष्य हासिल होते हैं, तो यह वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ा आर्थिक बदलाव साबित हो सकता है।
दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला देश
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चे तेल का भंडार है। ऐसे में दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालिया राजनीतिक और सैन्य घटनाक्रम के बाद अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में आए बदलावों के बीच यह समझौता नई दिशा का संकेत माना जा रहा है।
इससे पहले वेनेजुएला में हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के लिए कानून में आंशिक बदलाव की घोषणा भी की गई थी। अब नए समझौते के जरिए तेल उत्पादन, निवेश और ऊर्जा ढांचे को गति देने की कोशिश की जा रही है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
