ट्रंप के चुनावी नियमों पर कोर्ट का हथौड़ा : डाक मतपत्रों पर लगी रोक, मध्यावधि चुनाव से पहले बढ़ा टकराव, जज ने USPS को नए प्रतिबंध लागू करने से रोका

वॉशिंगटन। अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और अदालत के बीच टकराव और तेज हो गया है। संघीय जिला जज इंदिरा तलवानी ने अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को मेल-इन और डाक मतपत्रों से जुड़े प्रशासन के नए प्रतिबंध लागू करने से रोक दिया है। अदालत के इस आदेश से चुनावी प्रक्रिया को लेकर अमेरिका में एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है।
मतपत्रों पर नए नियमों को कोर्ट ने रोका
मामला ट्रंप प्रशासन के उस कार्यकारी आदेश से जुड़ा है, जिसमें डाक से भेजे जाने वाले मतपत्रों के लिए नए नियम प्रस्तावित किए गए थे। इसके तहत राज्यों को मेल-इन वोटिंग करने वाले मतदाताओं की सूची पहले से जमा कराने और मतपत्रों पर विशेष बारकोड तथा निर्धारित डिजाइन लागू करने जैसी शर्तें रखी गई थीं। नियमों का पालन नहीं करने वाले मतपत्रों की डिलीवरी प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।
जज तलवानी ने प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी करते हुए इन प्रतिबंधों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि मामला अब केवल संभावित विवाद नहीं है, क्योंकि नवंबर में होने वाले चुनाव के लिए कई राज्यों में मतपत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
मतदान के अधिकार पर असर की आशंका
अदालत के मुताबिक चुनाव के इतने करीब नियमों में बदलाव से मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर गंभीर असर पड़ सकता है। खासकर उन राज्यों में, जहां डाक मतपत्रों की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, नए नियमों को लागू करना चुनाव अधिकारियों के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।
ट्रंप प्रशासन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
निचली अदालत के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने इसे चुनौती दी है। प्रशासन ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से नए प्रतिबंधों को फिर से लागू करने की अनुमति मांगी है। राज्यों को इस अपील पर जवाब देने के लिए 8 सितंबर तक का समय दिया गया है।
इससे पहले 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की शुरुआती रोक में से एक को हटा दिया था और USPS को नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता दिया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उस समय इन नियमों की संवैधानिक वैधता पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया था।
चुनाव अधिकारियों के सामने नई चुनौती
उत्तरी कैरोलिना में 2026 के मध्यावधि चुनाव के लिए डाक मतपत्र मतदाताओं को भेजे जाने शुरू हो चुके हैं। ऐसे में निचली अदालत और सुप्रीम कोर्ट के बदलते आदेशों ने चुनाव अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले पर है, जो यह तय कर सकता है कि ट्रंप प्रशासन के डाक मतपत्र संबंधी नए नियम आगे लागू होंगे या नहीं।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
