सिर्फ बल्लेबाजी के लिए मैदान में नहीं उतरेंगे माही : CSK के पूर्व खिलाड़ी का धोनी को लेकर बड़ा खुलासा, IPL 2027 को लेकर छिड़ी नहीं बहस

नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धोनी के क्रिकेट भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। अगले वर्ष होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से धोनी खेलेंगे या नहीं, इस पर अभी आधिकारिक तस्वीर साफ नहीं है। इन सब कयासों के बीच चेन्नई के पूर्व बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने माही को लेकर बड़ा खुलासा किया है। बद्रीनाथ की मानें तो धोनी अपने इरादे जाहिर करते हुए कहा है कि अब वह आईपीएल में इम्पैक्ट खिलाड़ी के रूप में नहीं खेलेंगे। बता दें कि धोनी आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेल सके थे और अब अगले सीजन को लेकर भी उन्होंने नई बहस छेड़ दी है।
बद्रीनाथ के अनुसार धोनी का मानना है कि अगर वह प्रतियोगिता में खेलते हैं तो बतौर विकेटकीपर ही मैदान संभालेंगे। इसका मतलब है कि वह पूरे मुकाबले में विकेट के पीछे मौजूद रहना चाहते हैं और केवल जरूरत के समय बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी की भूमिका नहीं अपनाना चाहते।
विकेटकीपिंग धोनी के शरीरी के लिए बड़ी चुनौती
धोनी की उम्र अब 45 वर्ष हो चुकी है। ऐसे में पूरे मुकाबले के दौरान विकेटकीपिंग करना उनके शरीर के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। यही वजह है कि उनके लिए ‘प्रभावी खिलाड़ी’ के रूप में उतरने का विकल्प उपयोगी माना जा रहा था। इस व्यवस्था में वह विकेटकीपिंग का पूरा बोझ उठाए बिना अपनी बल्लेबाजी का अनुभव टीम के काम ला सकते हैं। लेकिन बद्रीनाथ की मानें तो धोनी इस विकल्प के पक्ष में नहीं हैं।
चेन्नई के लिए फायदेमंद हो सकती है धोनी की बल्लेबाजी
बद्रीनाथ बोले- टीम के लिए प्रभावी खिलाड़ी वाला विकल्प बेहतर चेन्नई के पूर्व बल्लेबाज ने अपने इंटरनेट माध्यम पर बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में धोनी को केवल बल्लेबाजी के लिए इस्तेमाल करना चेन्नई के लिए फायदेमंद हो सकता है। उनका कहना है कि लगातार 20 ओवर विकेटकीपिंग करने का शारीरिक असर धोनी पर पड़ता है और टीम के मुख्य प्रशिक्षक स्टीफन फ्लेमिंग भी पहले इस तरह की बात कर चुके हैं।
बद्रीनाथ के मुताबिक धोनी पिछले कुछ सत्रों में आमतौर पर पारी के अंतिम हिस्से में बल्लेबाजी करने उतरते हैं। ऐसे में उन्हें प्रभावी खिलाड़ी के तौर पर इस्तेमाल करने से टीम को उनकी अनुभव और मैच खत्म करने की क्षमता का फायदा मिल सकता है। साथ ही उनके शरीर पर पड़ने वाला दबाव भी कम किया जा सकता है।
पांच बार खिताब दिलाने वाले कप्तान का आखिरी अध्याय?
बता दें कि धोनी चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब दिला चुके हैं। उनकी मौजूदगी सिर्फ बल्लेबाजी या विकेटकीपिंग तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ड्रेसिंग रूम और मैदान पर उनकी रणनीतिक समझ भी टीम के लिए अहम मानी जाती है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या धोनी एक और पूरे सत्र के लिए खुद को तैयार कर पाएंगे। यदि उन्होंने मैदान पर उतरने का फैसला किया तो उनका पूरा मुकाबला विकेटकीपर के रूप में खेलना तय माना जा रहा है। यानी धोनी के अगले सत्र को लेकर सवाल अब यह नहीं रह गया कि वह प्रभावी खिलाड़ी बनेंगे या नहीं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 45 साल की उम्र में माही का शरीर उन्हें पूरे सत्र तक विकेट के पीछे खड़े रहने और मैदान पर लगातार सक्रिय रहने की इजाजत देगा?
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
