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अब भारत में छापेगी हार्पर कॉलिन्स : सोनिया गांधी स्मरण पुस्तक प्रकाशन पर सस्पेंस खत्म, 10 नवंबर को होगा वैश्विक विमोचन

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Sep 04, 2026
08:05 AM
सोनिया गांधी स्मरण पुस्तक प्रकाशन पर सस्पेंस खत्म, 10 नवंबर को होगा वैश्विक विमोचन

नई दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित संस्मरण पुस्तक के भारत में प्रकाशन को लेकर लंबे समय से जारी असमंजस अब खत्म हो गया है। शुक्रवार को हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने स्पष्ट कर दिया कि वह कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष की चर्चित पुस्तक ‘बिलॉन्गिंगरू ए जर्नी ऑफ लव’ को भारतीय पाठकों तक पहुंचाएगा। इस घोषणा के साथ पुस्तक के भारत में प्रकाशित होने को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। पुस्तक का वैश्विक विमोचन 10 नवंबर को किया जाएगा। प्रकाशक के मुताबिक, यह किताब राजनीति, निजी अनुभवों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों से जुड़े संस्मरणों के कारण वर्तमान समय की सबसे चर्चित राजनीतिक पुस्तकों में शामिल है।

बचपन से भारतीय राजनीति तक का सफर

सोनिया गांधी की इस पुस्तक में उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण पड़ावों को स्थान दिया गया है। इसमें युद्ध के बाद के इटली में बीता उनका बचपन, भारत आगमन, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से विवाह और इसके बाद भारतीय राजनीति के केंद्र में बिताए कई दशकों के अनुभवों का उल्लेख होगा।

पुस्तक के जरिए पाठकों को सोनिया गांधी के भारत से जुड़ने और यहां के राजनीतिक जीवन को करीब से देखने का व्यक्तिगत अनुभव भी मिलेगा। प्रकाशक के अनुसार, संस्मरण में उनके जीवन की उन घटनाओं और अनुभवों पर भी प्रकाश डाला गया है, जिन्होंने उनकी सार्वजनिक यात्रा को आकार दिया।

पेंगुइन के फैसले के बाद शुरू हुआ विवाद

पुस्तक को लेकर विवाद तब गहराया, जब अमेरिका स्थित अल्फ्रेड ए. नॉफ, जो पेंगुइन रैंडम हाउस समूह का हिस्सा है, ने 10 नवंबर को इसके वैश्विक प्रकाशन की घोषणा की। इसके बाद पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया कि भारत में इस पुस्तक के प्रकाशन की जिम्मेदारी उसके पास नहीं है।

रिपोर्टों के अनुसार, भारत में प्रकाशन को लेकर बातचीत के दौरान पांडुलिपि के कुछ हिस्सों में संपादकीय बदलाव और कुछ अंश हटाने का सुझाव दिया गया था। सोनिया गांधी की टीम इन बदलावों पर सहमत नहीं हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच प्रकाशन को लेकर सहमति नहीं बन सकी।

मोदी, आरएसएस और चीन वाले हिस्से पर भी उठे सवाल

इस पूरे विवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस और भारत-चीन संबंधों से जुड़े कथित अंश भी चर्चा में रहे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पेंगुइन इंडिया की ओर से इन विषयों से संबंधित कुछ हिस्सों को हटाने की मांग की गई थी और इसके पीछे बाहरी दबाव हो सकता है।

हालांकि, पेंगुइन इंडिया ने इन आरोपों को खारिज किया है। प्रकाशक का कहना है कि भारत में पुस्तक प्रकाशित नहीं करने के निर्णय के पीछे किसी तरह का बाहरी दबाव नहीं था। प्रकाशक ने यह जरूर स्वीकार किया कि बातचीत के दौरान एक मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।

अब भारत में पाठकों तक पहुंचेगी किताब

हार्पर कॉलिन्स इंडिया के ऐलान के बाद अब सोनिया गांधी की संस्मरण पुस्तक के भारत में प्रकाशित होने का रास्ता साफ हो गया है। 10 नवंबर को इसके वैश्विक प्रकाशन के साथ ही भारतीय पाठकों को भी सोनिया गांधी के निजी जीवन और लंबे राजनीतिक सफर से जुड़े अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से जानने का अवसर मिलेगा।

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