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खेतों में किसानों के बीच पहुंचे दिग्विजय : खाद-बिजली संकट पर सुनी पीड़ा, आलू की फसल का उचित दाम नहीं मिलने और खाद किल्लत का उठा मुद्दा

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Oct 22, 2026
01:23 PM
खाद-बिजली संकट पर सुनी पीड़ा, आलू की फसल का उचित दाम नहीं मिलने और खाद किल्लत का उठा मुद्दा

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान आम लोगों से सीधे संवाद का सिलसिला जारी है। यात्रा के तीसरे दिन दिग्विजय सिंह सड़क किनारे खेतों में आलू की बुवाई कर रहे किसानों के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान खाद की किल्लत, बिजली संकट और आलू की फसल का उचित दाम नहीं मिलने जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।

खाद के लिए टोकन व्यवस्था से किसान परेशान

किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि आलू की बुवाई के समय खाद की उपलब्धता नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। टोकन के आधार पर खाद मिलने के कारण किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। किसानों ने बिजली की समस्या भी बताई और कहा कि इससे कृषि कार्यों में बाधा आ रही है।

आलू की फसल में लागत निकालना भी मुश्किल

किसानों ने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछली बार आलू की फसल का बाजार में उचित भाव नहीं मिला। हालत यह रही कि फसल की बिक्री से लागत तक निकालना मुश्किल हो गया। कुछ किसानों ने बताया कि उन्होंने आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा, लेकिन बाद में मिले कम दाम के कारण भंडारण का किराया तक नहीं निकल सका। किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान और उपज का उचित मूल्य दिलाने की जरूरत पर जोर दिया।

इसी दौरान एक किसान ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि देश में वोट चोरी और चंदा चोरी के साथ खाद की भी चोरी हो रही है। किसान ने दिग्विजय सिंह से कहा कि वे किसानों की आवाज भी हैं। किसानों के साथ इस संवाद में खेती से जुड़ी जमीनी समस्याएं सामने आईं।

धरती माता और अन्नदाता के सम्मान से जोड़ा संवाद

किसानों से मुलाकात के बाद दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने धरती माता, माता सीता और अन्नदाता किसान के सम्मान को आपस में जोड़ते हुए कहा कि जगतनंदिनी माता सीता भूमिजा थीं और उनका प्राकट्य धरती माता की कोख से हुआ था। यह हमारी भूमि के महत्व को दर्शाता है, जो अन्न के साथ आस्था और संस्कृति की भी जननी है।

उन्होंने कहा कि किसान इसी पवित्र धरती के सेवक और अन्नदाता हैं। जिस धर्म में धरती माता, भूमिजा माता सीता और पूजनीय अन्नदाता किसान का स्थान है, वहां मिट्टी का सम्मान और किसान का स्वाभिमान सर्वोपरि होना चाहिए।

उज्जैन से अयोध्या तक जारी है यात्रा

दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के दिन उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू की थी। यह यात्रा अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के साथ पूरी होगी। यात्रा के दौरान साधु-संतों और आम लोगों की भागीदारी के बीच विभिन्न वर्गों से संवाद किया जा रहा है। किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना भी इसी जनसंवाद का हिस्सा रहा।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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