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भोजशाला को लेकर अब भी विवाद : हिन्दू पक्ष ने महाआरती का किया ऐलान, मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश दिया हवाला

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May 20, 2026
06:09 AM
हिन्दू पक्ष ने महाआरती का किया ऐलान, मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश दिया हवाला

धार। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा धार स्थित भोजशाला को मंदिर मानने के फैसले के बाद इलाके का माहौल पूरी तरह बदल गया है। हाईकोर्ट के निर्णय के तुरंत बाद हिंदू समाज के लोगों ने भोजशाला परिसर में जहां मां वाग्देवी की तस्वीर स्थापित कर अखंड ज्योति प्रज्वलित कर दी। वहीं अब शुक्रवार के दिन हिंदू समाज अधिकारपूर्वक पूजा-अर्चना और महाआरती करेगा। इसे धार्मिक और सांस्कृतिक सम्मान की पुनर्स्थापना बताया जा रहा है।

बता दें कि कोर्ट ने वर्ष 2003 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा जारी उस व्यवस्था को भी निरस्त कर दिया, जिसमें शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज और मंगलवार को हिंदू समाज को पूजा की अनुमति दी गई थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद हिंदू संगठनों में उत्साह देखा जा रहा है। भोजशाला समिति से जुड़े अशोक जैन ने कहा कि करीब 721 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद पहली बार ऐसा अवसर आया है, जब शुक्रवार को भोजशाला परिसर में महाआरती होगी।

मुस्लिम समाज ने जताई आपत्ति

वहीं मुस्लिम पक्ष ने भी अपने अधिकारों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में कहीं भी नमाज पर रोक लगाने का उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज पिछले लगभग 700 वर्षों से यहां नमाज अदा करता आ रहा है और आगे भी करता रहेगा। उनके अनुसार यह संवैधानिक अधिकार का विषय है और किसी को भी धार्मिक गतिविधियों से रोका नहीं जा सकता।

धानमंडी चैराहे से निकलेगी सामूहिक यात्रा

हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को भोजशाला परिसर में भव्य महाआरती आयोजित करने की घोषणा की है। कार्यक्रम के तहत श्रद्धालु पहले धार के धानमंडी चैराहे पर एकत्रित होंगे। इसके बाद सभी लोग सामूहिक पैदल यात्रा निकालते हुए भोजशाला पहुंचेंगे। वहां मां सरस्वती का विधि-विधान से पूजन किया जाएगा और शाम को महाआरती संपन्न होगी। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम पूरी श्रद्धा और शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजित किया जाएगा।

प्रशासन और एएसआई पर टिकी निगाहें

अब पूरे मामले में जिला प्रशासन और एएसआई की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कोर्ट ने परिसर को पुरातात्विक धरोहर बताते हुए व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन को सौंपी है। ऐसे में शुक्रवार को होने वाले धार्मिक कार्यक्रम और नमाज को लेकर प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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