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अमेरिका में गूंजेगा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ : मैडिसन स्क्वायर गार्डन में संघ प्रमुख को सुनने पहुंचेंगे 29 राज्यों के भारतीय, 5000 के पहुंचने की उम्मीद

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 29, 2026
05:46 AM
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में संघ प्रमुख को सुनने पहुंचेंगे 29 राज्यों के भारतीय, 5000 के पहुंचने की उम्मीद

न्यूयॉर्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत शनिवार को न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित विशेष कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम में अमेरिका के 39 राज्यों के 85 शहरों से 5,000 से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे शुरू होगा और इसमें भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता, सद्भाव तथा वैश्विक एकता से जुड़े संदेश को प्रमुखता दी जाएगी।

‘दुनिया एक परिवार’ का भारतीय दर्शन होगा केंद्र में

कार्यक्रम की प्रवक्ता प्रिया सामंत के अनुसार यह आयोजन भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को दुनिया के सामने रखने का प्रयास है। इसका मूल संदेश यही है कि पूरी दुनिया एक परिवार है और अलग-अलग विचारों, मान्यताओं तथा पृष्ठभूमि के बावजूद लोग शांति और सद्भाव के साथ साथ रह सकते हैं।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में 200 से अधिक संगठनों की भागीदारी है। इसे किसी एक समुदाय तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों और विचारों से जुड़े लोगों को साथ लाने की कोशिश की गई है।

रक्षाबंधन के अवसर पर संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम

कार्यक्रम का आयोजन रक्षाबंधन सप्ताहांत पर किया जा रहा है। आयोजकों ने रक्षाबंधन को सुरक्षा, देखभाल और आपसी रिश्तों के बंधन का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसी भावना को व्यापक सामाजिक संदर्भ में सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी युवा भजन प्रस्तुत करेंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा होंगे। आयोजकों ने इसे अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों के बीच संवाद और मेल-मिलाप का अवसर बताया है।

रिकॉर्ड संख्या में मिले रजिस्ट्रेशन, अब प्रक्रिया बंद

कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रजिस्ट्रेशन के दौरान बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। आयोजकों के मुताबिक शुरुआत में कार्यक्रम के लिए पंजीकरण सभी लोगों के लिए खुला रखा गया था, लेकिन भारी प्रतिक्रिया के चलते अब रजिस्ट्रेशन बंद करना पड़ा है। जो लोग कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे, उनके लिए ऑनलाइन प्रसारण की व्यवस्था भी रहेगी।

एकता का मतलब एक जैसा होना नहीं: आयोजक

भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में शांति और एकता का संदेश पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। अविनाश गुप्ता ने कहा कि विभाजन और टकराव के दौर में भारतीय संस्कृति के ‘दुनिया एक परिवार है’ वाले विचार को सामने रखना जरूरी है।

कार्यक्रम से जुड़े फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स के स्वयंसेवक अंकुर वैद्य ने न्यूयॉर्क के लोगों और व्यापक अमेरिकी समुदाय से आयोजन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सभी को साथ लेकर चलने और सबकी भलाई की भावना को बढ़ावा देना है।

विरोध पर भी आयोजकों ने रखा अपना पक्ष

कार्यक्रम को लेकर होने वाले विरोध के सवाल पर प्रिया सामंत ने कहा कि स्वतंत्र समाज में असहमति और अपनी राय रखने का अधिकार सभी को है। उन्होंने संवाद को मतभेद दूर करने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

उनके अनुसार बातचीत का अर्थ समर्थन करना नहीं और किसी की बात सुनने का मतलब उससे सहमत होना भी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एकता का अर्थ एक जैसा होना नहीं, बल्कि मतभेदों के बावजूद साथ मिलकर आगे बढ़ना है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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