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2790 होमगार्ड सैनिकों को अपनों के बीच ड्यूटी का मौका : मोहन सरकार का दिवाली गिफ्ट, लंबे इंतजार के बाद मिली पहली तैनाती वाले जिले में लौटने की छूट

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Nov 06, 2026
03:52 PM
मोहन सरकार का दिवाली गिफ्ट, लंबे इंतजार के बाद मिली पहली तैनाती वाले जिले में लौटने की छूट

भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने दीपावली के अवसर पर होमगार्ड सैनिकों को बड़ी सौगात दी है। लंबे समय से अपने परिवार और गृह जिले से दूर रहकर ड्यूटी कर रहे 2790 होमगार्ड सैनिकों को अब अपने पहले नामांकित जिले में पदस्थापना पाने का अवसर मिलेगा। राज्य शासन ने वर्ष 2018 की विशेष भर्ती के माध्यम से नियुक्त इन सैनिकों को पहली तैनाती वाले जिले में लौटने के लिए एक बार की विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले से हजारों सैनिकों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी।

पद खाली नहीं होने से दूसरे जिलों में मिली थी तैनाती

दरअसल, सिंहस्थ-2016 भर्ती के बाद वर्ष 2018 में विशेष भर्ती के माध्यम से 2790 होमगार्ड सैनिकों को संगठन में नामांकित किया गया था। उस समय उनके प्रथम नामांकित जिलों में पद रिक्त नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे जिलों में पदस्थ करना पड़ा था। इसके चलते कई सैनिक लंबे समय से अपने घर-परिवार से दूर रहकर सेवाएं दे रहे थे। अब राज्य सरकार ने जिला इकाइयों में उपलब्ध रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश होमगार्ड नियम, 2016 के प्रावधानों में एक बार के लिए विशेष छूट देने का फैसला किया है।

ऑनलाइन आवेदन से मिलेगा गृह जिले में लौटने का मौका

डीजी होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि पात्र सैनिक निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर अपने प्रथम नामांकित जिले में पदस्थापना के लिए अनुरोध कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित जिलों में उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर नियमानुसार पदस्थापना परिवर्तन की कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था से सैनिकों को अपनी पहली पसंद वाले जिले में लौटने का अवसर मिलेगा। हालांकि, पदस्थापना पूरी तरह रिक्त पदों की उपलब्धता और निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाएगी।

होमगार्ड सैनिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

दीपावली पर मिले इस निर्णय से होमगार्ड संगठन और सैनिकों में खुशी का माहौल है। सैनिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य शासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लंबे समय से वे अपने गृह जिले में लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे। सरकार के इस फैसले से उनकी यह इच्छा पूरी होने का रास्ता खुल गया है। सैनिकों के लिए यह केवल पदस्थापना में बदलाव नहीं, बल्कि परिवार के साथ समय बिताने और अपनों के बीच रहकर कर्तव्य निभाने का अवसर है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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