मप्र में विकास को रफ्तार : मोहन कैबिनेट की 41 हजार करोड़ के प्रस्ताव को हरी झंडी, अब तीन यूनिवर्सिटी में बंटेगा आरजीपीवी, वन्य जीवों की सुरक्षा पर भी फोकस

भोपाल। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। मंत्रालय में आहूत हुई बैठक में 41 हजार करोड़ के विकास प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है। कैबिनेट ने भोपाल पश्चिमी बाईपास के पुनरीक्षित लागत को भी मंजूरी दे दी है। नई योजना के तहत बाइपास की लंबाई अब 34 किलोमीटर होगी।
वहीं सरकार ने मप्र की सबसे बड़ी तकनीकी यूनिवर्सिटी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत मौजूदा आरजीपीवी को तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों में बांटा जाएगा। खास बात यह है कि इससे राजीव गांधी का नाम हट जाएगा। कैबिनेट में लिए फैसलों की जानकारी पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने दी।
पश्चिमी भोपाल बायपास फोरलेन परियोजना की बढ़ी लागत को मंजूरी
मंत्री राकेश सिंह ने बताया लोक निर्माण विभाग के प्रस्तावों में पश्चिमी भोपाल बायपास फोरलेन परियोजना की लागत को बढ़ाकर करीब 3,225 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी गई है। पहले इसकी लागत 2,981 करोड़ रुपये थी। भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में बदलाव और रातापानी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिरिक्त अंडरपास बनाए जाने के कारण लागत बढ़ी है। हालांकि परियोजना की लंबाई करीब 40 किलोमीटर से घटकर 35.61 किलोमीटर हो गई है।
इस मार्ग के तैयार होने के बाद जबलपुर की ओर से इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत कम होगी। इससे यात्रियों और मालवाहक वाहनों का समय बचने के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होने की उम्मीद है। परियोजना से करीब 21 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर बच सकेगा।
7,331 से 26 हजार गांवों तक पहुंचेगी डेयरी सहकारी समितियां
कैबिनेट ने पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र के लिए करीब 2,973 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। अगले पांच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 गांवों से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक किया जाएगा। दूध संकलन की क्षमता 12 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं दूध प्रसंस्करण क्षमता 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन और दुग्ध पैकेट की बिक्री 7 लाख लीटर से बढ़ाकर 35 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है।
ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी 25 से बढ़कर 60 प्रतिशत
किसानों के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी का लक्ष्य 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह खरीदी निर्धारित उपार्जन लक्ष्य के भीतर होगी, इसलिए किसानों को उपज बेचने में परेशानी नहीं होगी।
रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी के. साईं मनोहर को नई जिम्मेदारी
कैबिनेट ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के. साईं मनोहर की सलाहकार के पद पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करना और महत्वपूर्ण मामलों में बेहतर मार्गदर्शन हासिल करना बताया गया है। उनकी नई जिम्मेदारी का मुख्यालय दिल्ली में रहेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
आरजीपीवी का होगा पुनर्गठन, तीन विश्वविद्यालयों के रूप में विस्तार
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों के मुख्यालय स्थापित किए जाएंगे।
सरकार की योजना तकनीकी शिक्षा को अधिक विकेंद्रीकृत और विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने की है। खास बात यह है कि इन विश्वविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को कौशल विकास से भी जोड़ा जाएगा। यानी पारंपरिक तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा। कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक समन्वय और तकनीकी शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
