कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में बड़ा एक्शन : 11 मौतों का जिम्मेदार नौशाद मुठभेड़ में गिरफ्तार, लापरवाह सात पुलिसकर्मियों पर भी गिरी गाज

कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी पिपरी थाना क्षेत्र के शाहबाजी गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद एक्शन हो शुरू हो गया है। हादसे में 11 लोगों की मौतों के बाद जहां पिपरी थाना के 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी और फैक्ट्री संचालक नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एनकाउंटर के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया और इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
बता दें कि सोमवार सुबह करीब 11ः30 बजे चिल्ला शाहबाजी गांव में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के कारखाने में विस्फोट हुआ था। इस भीषण हादसे में जहां लोगों की मौत हो गई थी। वहीं आधा दर्जन से अधिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में पिपरी थाने में छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, नौशाद घटना के बाद फरार था और शहर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील-सैयद सरावां मार्ग पर उसकी घेराबंदी की। खुद को घिरता देखकर आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा भी बरामद किया है।
11 मौतों के बाद सात पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
हादसे की जांच में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। लापरवाही को गंभीर मानते हुए सात निरीक्षक और उपनिरीक्षकों को निलंबित किया गया है। इनमें पिपरी थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक समेत वे अधिकारी भी शामिल हैं, जो अलग-अलग समय पर पिपरी थाना और चायल चैकी में तैनात रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। अब आरोपी के फरार रहने के दौरान उसे किसने पनाह दी और किन लोगों ने उसकी मदद की, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
पहले ही निलंबित हो चुकी थी फैक्ट्री की अनुमति
जांच में सामने आया है कि पटाखा निर्माण और भंडारण की अनुमति को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। इसके बावजूद फैक्ट्री में कथित तौर पर अवैध तरीके से पटाखों का निर्माण और भंडारण जारी रहा। पुलिस के अनुसार, अक्टूबर 2024 में भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। जेल से बाहर आने के बाद दोबारा अवैध गतिविधियां शुरू होने का आरोप है।
धमाकों से दहल उठा था पूरा इलाका
31 अगस्त को चिल्ला शाहबाजी गांव क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी। इसके बाद लगातार हुए धमाकों से इमारत पूरी तरह तबाह हो गई। आसपास के करीब छह मकानों को भी नुकसान पहुंचा। पुलिस और दमकल टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की।
फिलहाल पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
