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राजस्थानः भवानी मंडी नप चुनाव से पहले भाजपा को झटका : नामांकन के अंतिम दिन 40 पुराने दिग्गज ने छोड़ी पार्टी, बहू के साथ थामा कांग्रेस का हाथ

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 31, 2026
10:00 AM
नामांकन के अंतिम दिन 40 पुराने दिग्गज ने छोड़ी पार्टी, बहू के साथ थामा कांग्रेस का हाथ

जयपुर। भवानी मंडी नगर परिषद चुनाव के बीच कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका देने का दावा किया है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस का हाथ थाम लिया। उनके साथ उनकी बहू और पूर्व अध्यक्ष पिंकी गुर्जर तथा पूर्व सांसद सुगना गुर्जर ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

एक ही परिवार से जुड़े तीन प्रमुख राजनीतिक चेहरों के कांग्रेस में जाने से स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव से ऐन पहले हुए इस घटनाक्रम को कांग्रेस के लिए अहम राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है।

चार दशक पुराना रिश्ता टूटा

कांग्रेस में शामिल होने के बाद रामलाल गुर्जर ने कहा कि वह करीब 40 वर्षों से भाजपा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस में शामिल होने का फैसला उन्हें मिले सम्मान और स्नेह के कारण लिया गया। डग्ग विधानसभा क्षेत्र के उपाध्यक्ष चेतन गहलोत, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रॉड सिंह परमार और नगर निगम कांग्रेस अध्यक्ष विनय अस्तोलिया ने पार्टी का स्कार्फ पहनाकर तीनों नेताओं का स्वागत किया।

45 वार्डों में बढ़ेगी चुनावी गर्मी

भवानी मंडी नगर परिषद में 45 वार्ड हैं। इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के साथ आम आदमी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार भी कई सीटों पर मुकाबले को दिलचस्प बना सकते हैं। कुछ वार्डों में त्रिकोणीय तो कुछ में चैतरफा मुकाबले के आसार हैं। ऐसे समीकरण में किसी एक पार्टी के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करना आसान नहीं होगा। यही वजह है कि चुनावी नतीजों के साथ-साथ बोर्ड गठन के बाद बनने वाले समीकरणों पर भी सभी की नजर रहेगी।

9 वार्ड बन सकते हैं ‘किंगमेकर’

चुनाव में नौ वार्डों को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन सीटों के परिणाम नगर परिषद में बहुमत के गणित और बोर्ड गठन में निर्णायक साबित हो सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों इन वार्डों में मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रही हैं। ऐसे उम्मीदवारों पर जोर है, जो अपनी सीट जीतने के साथ बोर्ड गठन के समय भी पार्टी का आंकड़ा मजबूत कर सकें।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या चुनाव के बाद मौजूदा राजनीतिक समीकरण बरकरार रहेगा या भवानी मंडी में सत्ता का पूरा गणित बदल जाएगा। रामलाल गुर्जर समेत तीन प्रमुख चेहरों के कांग्रेस में जाने से मुकाबले की तस्वीर पहले ही काफी बदलती नजर आ रही है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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