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मप्र की सरकार की बड़ी पहलः : अब गांव-गांव पहुंचेगा राशन, ‘मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम’ योजना से 7 लाख से ज्यादा परिवारों को होगा फायदा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 31, 2026
11:05 AM
अब गांव-गांव पहुंचेगा राशन, ‘मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम’ योजना से 7 लाख से ज्यादा परिवारों को होगा फायदा

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के 20 जिलों के 89 अनुसूचित जनजाति विकासखंडों में ‘मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम’ योजना लागू की गई है। इसके तहत अब लोगों को राशन लेने के लिए दूर स्थित उचित मूल्य की दुकानों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

6575 आश्रित गांवों तक पहुंचेगा राशन

योजना के तहत उचित मूल्य दुकानों से जुड़े 6575 आश्रित गांवों में राशन सामग्री का परिवहन कर वहीं वितरण किया जाएगा। इससे करीब 7 लाख 13 हजार परिवारों को सीधे उनके गांव में राशन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है। मंत्री राजपूत के मुताबिक, राशन परिवहन के लिए कुल 472 सेक्टर बनाए गए हैं। इन सेक्टरों के अंतर्गत आने वाले गांवों में राशन पहुंचाने के लिए अनुसूचित जनजाति वर्ग के चयनित हितग्राहियों को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराकर वाहन दिए गए हैं।

युवाओं को मिला रोजगार का अवसर

योजना की खास बात यह है कि राशन परिवहन की जिम्मेदारी के जरिए जनजाति क्षेत्र के युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिल रहा है। सरकार की ओर से चयनित हितग्राहियों को वाहन खरीदने में 2 से 3 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी उपलब्ध कराई जा रही है। वाहन की क्षमता के अनुसार हितग्राहियों को मासिक किराया भी दिया जा रहा है। 1 टन क्षमता वाले वाहन के लिए 24 हजार रुपये और 2 टन क्षमता वाले वाहन के लिए 31 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है।

राशन के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लंबी दौड़

सरकार के अनुसार, योजना का सबसे बड़ा लाभ उन परिवारों को मिलेगा, जिन्हें राशन लेने के लिए पहले लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। गांव में ही राशन पहुंचने से हितग्राहियों का समय, श्रम और मजदूरी बचेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं को परिवहन व्यवस्था से जोड़कर उन्हें आय का साधन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का दावा है कि योजना से आदिवासी क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था मजबूत होने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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