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फिजूलखर्ची पर सरकार की लगाम, : नौकरशाही में लागू हुई एक अधिकारी-वाहन की व्यवस्था, वित्त मंत्रालय ने जारी किए निर्देश

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 28, 2026
08:00 AM

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए नौकरशाही में एक अधिकारी-एक सरकारी वाहन की व्यवस्था लागू कर दी है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से जारी नए आदेश के तहत अब किसी भी अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने पर दूसरी सरकारी गाड़ी आवंटित नहीं की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना, अनावश्यक खर्च रोकना और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।

अतिरिक्त प्रभार मिलने पर भी नहीं मिलेगी दूसरी गाड़ी

वित्त मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार यदि कोई अधिकारी किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार संभालता है, तब भी उसे अलग से सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। ऐसे अधिकारी को पहले से आवंटित सरकारी वाहन से ही सभी आधिकारिक कार्य करने होंगे। यानी अब एक अधिकारी के लिए केवल एक सरकारी वाहन की व्यवस्था लागू रहेगी।

सभी मंत्रालयों और विभागों को दिए गए सख्त निर्देश

सरकार ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को नई व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि जिन सरकारी वाहनों का नियमित उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जाए और उनका अनावश्यक इस्तेमाल पूरी तरह रोका जाए। इससे सरकारी वाहनों के रखरखाव और ईंधन पर होने वाले अतिरिक्त खर्च में कमी आएगी।

सार्वजनिक उपक्रमों के वाहन भी नहीं कर सकेंगे इस्तेमाल

नए आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केंद्र सरकार के अधिकारी सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त संस्थाओं और अर्ध-सरकारी संगठनों के वाहनों का नियमित उपयोग नहीं कर सकेंगे। हालांकि, यदि कोई अधिकारी सरकारी कार्य या आधिकारिक दौरे पर संबंधित संस्था में मौजूद है, तो उस विशेष परिस्थिति में वहां उपलब्ध वाहन का उपयोग किया जा सकेगा।

पुराने निर्देशों को और प्रभावी बनाने की पहल

व्यय विभाग ने बताया कि यह आदेश सितंबर 2022 में जारी दिशा-निर्देशों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। नया कार्यालय ज्ञापन सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को भेज दिया गया है, ताकि पूरे केंद्रीय प्रशासन में एक समान व्यवस्था लागू हो सके और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

खर्च में कटौती और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से एक अधिकारी को कई सरकारी वाहनों के आवंटन जैसी व्यवस्था समाप्त होगी। इससे ईंधन, रखरखाव और परिचालन पर होने वाला सरकारी खर्च कम होगा, साथ ही सार्वजनिक धन का अधिक जिम्मेदारी के साथ उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

केंद्र सरकार के अनुसार श्एक अधिकारीदृएक सरकारी वाहनश् का सिद्धांत प्रशासनिक जवाबदेही, वित्तीय अनुशासन और सरकारी संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था से सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगेगा और शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी तथा किफायती बनाने में मदद मिलेगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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