भारत की दोस्ती का उज्बेकिस्तान ने बढ़ाया मान, : पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान, बोले- यह अटूट दोस्ती को समर्पित

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे ने भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों को नई ऊंचाई दी है। रविवार को राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति देने पर सहमति बनी। दौरे का सबसे खास अवसर तब आया, जब प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने इस सम्मान को दोनों देशों की गहरी और अटूट मित्रता को समर्पित करते हुए कहा कि भारत-उज्बेकिस्तान संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़े दोनों देश
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष पूरे हो रहे हैं। अब दोनों देश अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे और सहयोग की प्राथमिकताओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
विदेश मंत्रियों की समन्वय परिषद बनेगी
प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक समन्वय परिषद गठित की जाएगी। इसका उद्देश्य आपसी तालमेल बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग को गति देना होगा। दोनों देशों के व्यापारिक नेतृत्व को साथ लाने के लिए बिजनेस समिट आयोजित करने पर भी सहमति बनी है।
यूरेनियम आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था
वार्ता में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और उज्बेकिस्तान यूरेनियम की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था तैयार करेंगे। इसके अलावा तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट समझौतों पर भी काम किया जा रहा है। इन समझौतों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा।
न्यू ताशकंद और गिफ्ट सिटी के बीच सहयोग
प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान के न्यू ताशकंद और गुजरात की गिफ्ट सिटी का उल्लेख करते हुए विकास, तकनीक और आर्थिक गतिविधियों में सहयोग बढ़ाने की बात कही। दोनों देशों के बीच नई परियोजनाओं और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
व्यापार और संपर्क में लगातार बढ़ोतरी
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने भारत को उज्बेकिस्तान का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से अधिक पहुंचा। संयुक्त उपक्रमों की संख्या में भी हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हर सप्ताह करीब 14 सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं। भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन की वीजा-मुक्त सुविधा से पर्यटन, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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