हाॅकी सरताज जर्मनी : विश्व कप के फाइनल में स्पेन को 1-0 से रौंदकर फिर बना चैंपियन, दोनों टीमों के बीच हुई जोरदार टक्कर

वाव्रे (बेल्जियम)। जर्मनी ने बेहतरीन रणनीति, मजबूत डिफेंस और दबाव में शानदार संयम का प्रदर्शन करते हुए एफआईएच मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। बेल्फियस हॉकी एरिना में खेले गए रोमांचक फाइनल में जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ जर्मनी ने लगातार दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया और कुल चैथी बार चैंपियन बनने की उपलब्धि हासिल की।
जर्मनी की इस जीत ने उसे टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे सफल टीमों की कतार में ला खड़ा किया है। चार विश्व कप खिताब के साथ उसने पाकिस्तान की बराबरी कर ली है। जर्मनी इससे पहले 2002 में कुआलालंपुर, 2006 में मोंचेंग्लादबाख और 2023 में भुवनेश्वर में विश्व कप जीत चुका था। वहीं पाकिस्तान ने 1971, 1978, 1982 और 1994 में खिताब अपने नाम किए थे।
फाइनल में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले हाफ में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। स्पेन और जर्मनी को पेनल्टी कॉर्नर के मौके मिले, लेकिन दोनों टीमों के गोलकीपर और डिफेंस पूरी तरह मुस्तैद रहे।
तीसरे क्वार्टर में स्पेन ने अपनाया आक्रामक रुख
तीसरे क्वार्टर में स्पेन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए जर्मनी पर लगातार दबाव बनाया। उसने इस दौरान 10 हमले किए, लेकिन जर्मन डिफेंस ने हर बार खतरे को टाल दिया। इसके बाद 44वें मिनट में जर्मनी को निर्णायक सफलता मिली। दाएं फ्लैंक से बने शानदार मूव के बाद मिचेल स्ट्रुथॉफ ने गेंद को डिफ्लेक्ट कर गोल में पहुंचा दिया। जर्मनी ने 1-0 की बढ़त हासिल की और यही गोल आखिरकार खिताबी फैसला साबित हुआ।
अंतिम सीटी बजते ही जर्मन खिलाड़ियों ने मनाया जश्न
पीछे होने के बाद स्पेन ने बराबरी के लिए पूरी ताकत लगा दी। 45वें मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, लेकिन कप्तान मार्क मिरालेस का ड्रैग फ्लिक जर्मनी के फर्स्ट रशर से टकरा गया। मैच के अंतिम चार मिनट में स्पेन ने गोलकीपर लुइज कालजाडो को बाहर बुलाकर अतिरिक्त फील्ड खिलाड़ी उतारा, लेकिन जर्मनी की रक्षापंक्ति नहीं टूटी। अंतिम सीटी बजते ही जर्मन खिलाड़ियों ने जीत का जश्न मनाया।
तीसरी बार फाइनल में पहुंचकर भी खाली हाथ स्पेन
स्पेन ने सेमीफाइनल में सह-मेजबान नीदरलैंड्स को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। 1998 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंची स्पेनिश टीम के पास इतिहास रचने का मौका था, लेकिन वह जर्मनी की मजबूत दीवार को भेद नहीं सकी। स्पेन अब भी अपने पहले मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप खिताब का इंतजार कर रहा है।
अर्जेंटीना ने जीता कांस्य पदक
ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स को 2-1 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। टॉमस डोमेने ने 41वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई। नीदरलैंड्स ने 49वें मिनट में फ्लोरिस मिडेंडॉर्प के गोल से बराबरी की, लेकिन 59वें मिनट में कप्तान मथियास रे ने पेनल्टी कॉर्नर पर निर्णायक गोल दागकर अर्जेंटीना को जीत दिला दी। अंतिम क्षणों में नीदरलैंड्स को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह बराबरी नहीं कर सका।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
